श्री अग्रसेन जयंती: वैभव से आगे सेवा और सामाजिक दायित्व की मिसाल,कोरबा में 5150वीं जयंती पर निकलेगी भव्य शोभायात्रा
नमस्ते कोरबा : किसी समाज की समृद्धि का मूल्यांकन केवल उसकी आर्थिक प्रगति से नहीं बल्कि इस बात से भी होता है कि वह शिक्षा, सेवा और सामाजिक सरोकारों के लिए कितना योगदान देता है। महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती इसी व्यापक दृष्टिकोण को स्मरण करने का अवसर है। यह पर्व अपनी गौरवशाली परंपरा पर गर्व करने के साथ-साथ यह विचार करने का भी समय है कि पूर्वजों से मिले आदर्श आज के समाज और आने वाली पीढ़ियों के जीवन में किस रूप में उतर रहे हैं।
महाराजा अग्रसेन जी का नाम समाज में परोपकार, उद्यमशीलता और मानवीय संवेदना के प्रतीक के रूप में लिया जाता है। उनसे जुड़ी एक ईंट और एक मुद्रा की परंपरा जरूरतमंद परिवारों को सहयोग देकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की भावना का प्रतीक मानी जाती है। इस विचार की प्रासंगिकता आज भी बनी हुई है। बदलते समय में समाज की प्रगति तभी सार्थक है, जब उसका लाभ शिक्षा से वंचित बच्चों, जरूरतमंद परिवारों और अवसरों की तलाश कर रहे युवाओं तक पहुंचे।
परंपरा से संस्थान तक का सफर
कोरबा में अग्रवाल सभा की गतिविधियां इस सामाजिक भूमिका का एक महत्वपूर्ण पक्ष सामने रखती हैं। सभा द्वारा महाविद्यालय, विद्यालय, गौशाला, अग्रसेन भवन और अग्रोहा भवन का संचालन किया जा रहा है। शिक्षा के संस्थानों से लेकर सामाजिक और सेवा गतिविधियों तक फैला यह कार्य सामूहिक सहयोग की उस परंपरा को दर्शाता है जिसमें समाज के लिए स्थायी आधार तैयार करने का प्रयास किया जाता है।
संस्थानों का संचालन केवल उपलब्धि का विषय नहीं बल्कि निरंतर जिम्मेदारी भी है। शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों को बेहतर अवसर, जरूरतमंदों तक सहायता और सामाजिक गतिविधियों में व्यापक सहभागिता ऐसे क्षेत्र हैं, जिनमें समय के साथ नई अपेक्षाएं भी जुड़ती हैं। परंपरा की वास्तविक शक्ति इसी में है कि वह बदलते समय की जरूरतों के अनुरूप समाज को आगे बढ़ने की प्रेरणा देती रहे।
रविवार को निकलेगी भव्य शोभायात्रा
महाराजा अग्रसेन जयंती के अवसर पर रविवार को कोरबा में विभिन्न झांकियों के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। अग्रवाल सभा कोरबा के आयोजन में शोभायात्रा इंदिरा विहार ट्रांसपोर्ट नगर स्थित गोयल स्टेशनरी मार्ट से प्रारंभ होकर पावर हाउस रोड से सोनालिया चौक होते हुए अग्रसेन तिराहे पहुंचेगी यहां आरती के पश्चात शोभायात्रा श्री अग्रसेन कन्या महाविद्यालय पहुंचेगी जहां मुख्य समारोह आयोजित होगा।
समारोह के मुख्य अतिथि सीता इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड रायपुर तथा हाईटेक सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल भिलाई के मनोज अग्रवाल होंगे। आयोजन सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर बनेगा।
नई पीढ़ी तक पहुंचे आदर्शों की विरासत
आज के दौर में किसी भी समाज के सामने अपनी परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने की चुनौती है। केवल महापुरुषों का स्मरण पर्याप्त नहीं उनके विचारों को जीवन और व्यवहार का हिस्सा बनाना भी जरूरी है। विद्यार्थियों को शिक्षा में सहयोग, युवाओं को रोजगार और उद्यम के अवसरों से जोड़ना, जरूरतमंदों की सहायता तथा सामाजिक सद्भाव को मजबूत करना ऐसे प्रयास हैं, जिनसे महाराजा अग्रसेन की विचारधारा को व्यापक अर्थ मिल सकता है।
जयंती के आयोजन समाज को एक मंच पर लाते हैं लेकिन उस एकजुटता का सबसे सार्थक उपयोग समाजहित के कार्यों में होता है। जब उत्सव के साथ सेवा का संकल्प जुड़े जब आर्थिक प्रगति के साथ सामाजिक संवेदना बनी रहे और जब संस्थानों की उपलब्धियों के साथ उनकी जिम्मेदारियों को भी महत्व मिले तभी परंपरा जीवंत बनी रहती है।
समृद्धि का अर्थ सबके लिए अवसर
महाराजा अग्रसेन जी की 5150वीं जयंती का संदेश केवल अतीत के गौरव तक सीमित नहीं है। यह वर्तमान की उपलब्धियों और भविष्य की जिम्मेदारियों के बीच सेतु बनाने का अवसर है। अग्रवाल सभा कोरबा जैसी संस्थाओं के लिए भी यह समय अपने सामाजिक योगदान को और व्यापक बनाने, शिक्षा व सेवा के कार्यों को मजबूत करने तथा नई पीढ़ी को सामाजिक जिम्मेदारी से जोड़ने की प्रेरणा देता है।












