नमस्ते कोरबा ::मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी. बी. बोडे ने जाँच रिपोर्ट आने तक नमूना देने वाले लोगों को अपने घर पर आइसोलेशन में रहने को कहा है। उन्होंने खासकर आरटीपीसीआर और ट्रूनॉट तकनीक से जांच हेतु नमूना देने वालों के लिए ये बात कही है। सीएमएचओ ने कहा कि कोरोना बीमारी के होने अथवा न होने की पुष्टि हेतु फिलहाल जांच के तीन विधियां उपलब्ध हैं। एंटीजन टेस्ट, आरटीपीसीआर एवं ट्रूनॉट तकनीक हैं। मरीज के शरीर में वायरस की मात्रा यदि ज्यादा है, तो एंटीजन टेस्ट तुरन्त पकड़ लेता है। इसका परिणाम भी तुरंत खड़े-खड़े मिल जाता है। और संक्रमित व्यक्ति तत्काल प्रभाव से दवाई एवं सावधानियां लेना शुरू कर देता है। इसमें कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन आरटीपीसीआर और ट्रूनॉट तकनीक से जांच रिपोर्ट मिलने में फिलहाल 1 से 5 दिन का समय लग रहा है। यदि व्यक्ति का रिपोर्ट पॉजिटिव आया और नमूना देने और रिपोर्ट आने की अवधि में उसकी हरकत आम दिनों की तरह रहा तो इस बीच वह अपने घर-परिवार सहित सैकड़ों लोगों को संक्रमित करने में सक्षम होगा। इसलिए रिपोर्ट आते तक होम आईसोलेशन में रहकर समय बिताना चाहिए।
सीएमएचओ डाॅ. बोडे ने बताया कि किसी व्यक्ति का एंटीजन रिपोर्ट पॉजिटिव आया तो निश्चित रूप से वह कोरोना से संक्रमित हो चुका है। लेकिन यदि रिपोर्ट निगेटिव आया तो यह आवश्यक नहीं कि उसे कोरोना का संक्रमण नहीं हुआ है। और उसका आरटीपीसीआर एवं ट्रू नॉट रिपोर्ट भी निगेटिव आये। प्रायः यह देखा जा रहा है कि जांच रिपोर्ट का इंतजार किये बिना लोग खुले आम मेल-मिलाप कर रहे हैं, जिससे संक्रमण तेजी से फैल रहा है। जिला प्रशासन ने लोगों को कोरोना के लक्षण दिखने पर तत्काल जांच कराने का आग्रह किया है। जिले की सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर राज्य सरकार की ओर से निःशुल्क जांच की सुविधा उपलब्ध है। स्वयं होकर इलाज न करें और न ही झोला छाप डॉक्टरों के चंगुल में फंसे। अब तक का अनुभव रहा है कि लोग जांच कराने में विलम्ब करते हैं, अपने स्तर पर इलाज शुरू कर देते हैं, जिससे यह बीमारी बढ़ जाती है। और लोगों को बचा पाना मुश्किल हो जाता है।
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