181 नारी शक्तियों के सिर पर सजे जवारा कलश, हसदेव घाट पर हुआ विसर्जन,मां सर्वमंगला मंदिर में शारदीय नवरात्रि का समापन, हजारों श्रद्धालु बने दिव्य जवारा कलश यात्रा के साक्षी
नमस्ते कोरबा। मां सर्वमंगला देवी मंदिर, दुरपा में शारदीय नवरात्रि का समापन जवारा कलश विसर्जन के साथ हुआ। सोमवार की गोधूलि बेला में 181 नारी शक्तियों के सिर पर जवारा कलश रखकर निकाली गई भव्य विसर्जन यात्रा श्रद्धा और भक्ति का केंद्र बनी। मांदर की थाप, कर्मा नृत्य, जसगीत और आतिशबाजी के बीच निकली यात्रा हसदेव नदी के घाट पहुंची, जहां विधि-विधान से जवारा कलशों का विसर्जन किया गया।
मंदिर के प्रबंधक एवं राजपुरोहित नमन पाण्डेय (नन्हा महाराज) ने मां सर्वमंगला की पूजा-अर्चना कर नौ दिवसीय अनुष्ठान में हुई त्रुटियों के लिए क्षमा मांगी और कोरबा सहित प्रदेश, देश और दुनिया में सुख-शांति, समृद्धि एवं सभी के कल्याण की कामना की। इसके बाद स्थापित 181 जवारा कलशों की पूजा कर उन्हें नारी शक्तियों के सिर पर सुशोभित किया गया।

यात्रा के दौरान पाण्डेय परिवार की मुखिया श्रीमती गीता देवी पाण्डेय के सानिध्य में नारी शक्तियों की पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद चुनरी की सुरक्षा व्यवस्था के बीच श्रद्धालुओं का समूह हसदेव नदी की ओर रवाना हुआ। कतारबद्ध होकर आगे बढ़ती 181 नारी शक्तियों के सिर पर प्रज्वलित ज्योति कलशों का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। अंधेरे में जगमगाते कलश मानो *‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’* का संदेश दे रहे थे।
दिव्य मंत्रोच्चार के बीच हसदेव घाट पर विसर्जन
हसदेव घाट पहुंचने पर नमन पाण्डेय ने जवारा कलशों की पूजा-अर्चना की। बैगाओं ने पारंपरिक विधि-विधान पूरे किए, जिसके बाद नारी शक्तियों के सिर से एक-एक कर कलश उतारकर नदी में विसर्जित किए गए। इस दौरान सभी के कल्याण, घर-घर समृद्धि और विश्व में शांति की कामना की गई।
काली मंदिर में दिखा भक्ति का अनूठा दृश्य
विसर्जन यात्रा के दौरान मंदिर परिसर स्थित काली मंदिर के पास एक भावपूर्ण दृश्य देखने को मिला। पारंपरिक अनुष्ठान में शामिल एक बैगा काली माता के दर्शन के दौरान भावावेश में जोर-जोर से चिल्लाने लगा। मंदिर के पुजारी ने उसे शांत कराया, जिसके बाद यात्रा आगे बढ़ी। जसगीत, मांदर की थाप और आतिशबाजी के बीच आगे बढ़ती यात्रा में विभिन्न पारंपरिक वेशभूषाओं में सजे कलाकारों ने भी श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया।
हजारों श्रद्धालु बने साक्षी
मां सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना के लिए मंदिर पहुंचे हजारों श्रद्धालु जवारा कलश विसर्जन यात्रा के साक्षी बने। ज्योति कलशों की जगमगाहट और भक्तिमय वातावरण ने पूरे परिसर को आस्था के रंग में रंग दिया। नौ दिनों तक प्रज्ज्वलित रहे करीब 12 हजार ज्योति कलशों के साथ संपन्न हुए इस धार्मिक आयोजन में श्रद्धालुओं की भागीदारी उल्लेखनीय रही।
नमन पाण्डेय ने जताया आभार
शारदीय नवरात्रि के सफल आयोजन पर नमन पाण्डेय ने श्रद्धालुओं की अनुशासनप्रियता और सहयोग के लिए आभार जताया। उन्होंने 12 हजार ज्योति कलश प्रज्ज्वलित कराने वाले भक्तों, जिला प्रशासन, नगर निगम प्रशासन, सुरक्षा में तैनात पुलिस जवानों, विद्वान आचार्यों, पंडितों, मंदिर के सेवादारों और प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग करने वाले सभी लोगों को धन्यवाद दिया।
उन्होंने मां सर्वमंगला से प्रार्थना की कि कोरबा सहित पूरे छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया में सुख-शांति एवं समृद्धि बनी रहे। सभी जीवों का कल्याण हो और समाज में सद्भाव का प्रकाश फैले।
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