उपसरपंच हटाने पर भड़का गांव: 300 ग्रामीण जनदर्शन पहुंचे, साजिश और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
नमस्ते कोरबा :- पाली जनपद क्षेत्र के ग्राम पंचायत ईरफ में उपसरपंच को अविश्वास प्रस्ताव के जरिए हटाए जाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। सोमवार को यह विवाद उस समय और गहरा गया जब पूर्व उपसरपंच 300 से अधिक ग्रामीणों, पंचों और महिला जनप्रतिनिधियों के साथ कलेक्टर जनदर्शन में पहुंच गए और पूरे प्रकरण को सुनियोजित साजिश करार देते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।
जनदर्शन में सौंपे गए शिकायत आवेदन में पूर्व उपसरपंच ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि पंचायत में वित्तीय अनियमितताओं, शासकीय राशि के दुरुपयोग और मनमानी कार्यप्रणाली की शिकायत करने के बाद उन्हें निशाना बनाया गया। आरोप है कि भ्रष्टाचार उजागर करने की बजाय उन्हें पद से हटाने के लिए अविश्वास प्रस्ताव लाया गया।
पूर्व उपसरपंच ने सरपंच, सचिव और जनपद स्तर के अधिकारियों पर मिलीभगत का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पंचों को गुमराह कर कोरे कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए और वास्तविक स्थिति से अनभिज्ञ रखा गया। वहीं महिला पंचों ने भी चौंकाने वाला खुलासा करते हुए आरोप लगाया कि उन्हें पंचायत बैठक के बहाने पाली ले जाकर खाली कागजों पर हस्ताक्षर कराए गए।
ग्रामीणों ने पंचायत में कथित भ्रष्टाचार, फर्जी आहरण और वित्तीय अनियमितताओं की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही लंबे समय से पदस्थ पंचायत सचिव के तत्काल स्थानांतरण की भी मांग उठाई गई है। जनदर्शन में मौजूद अधिकारियों ने शिकायत प्राप्त कर जांच का आश्वासन दिया है,
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