महापौर के 16 महीने के रिपोर्ट कार्ड पर विपक्ष के पार्षदों का पलटवार,कहा दावों से अलग है शहर की हकीकत,
नमस्ते कोरबा : नगर निगम महापौर द्वारा पंचवटी विश्रामगृह में 16 महीने के कार्यकाल की उपलब्धियों और आगामी विकास योजनाओं का रिपोर्ट कार्ड प्रस्तुत किए जाने के बाद कांग्रेस के विपक्षी पार्षदों ने संयुक्त रूप से बयान जारी कर नगर सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि महापौर जिन योजनाओं को अपनी उपलब्धि बता रहे हैं उनमें से अधिकांश पूर्व कांग्रेस सरकार और तत्कालीन महापौर के कार्यकाल में स्वीकृत या प्रारंभ की गई थीं। उनका कहना था कि वास्तविकता विकास के दावों से काफी अलग है और आम जनता आज भी मूलभूत सुविधाओं के लिए परेशान है।
लोगों पर बढ़ा आर्थिक बोझ, सड़क, सफाई और बिजली व्यवस्था पर उठाए सवाल
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि सिटी बस सेंटर की घोषणा लोकसभा चुनाव से पहले ही हो चुकी थी, जबकि सीवरेज परियोजना का टेंडर भी कांग्रेस शासनकाल में अंतिम चरण में पहुंच चुका था। ऐसे में पुरानी योजनाओं का श्रेय वर्तमान सरकार लेना उचित नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में घरेलू नल कनेक्शन निशुल्क दिए जाते थे, जबकि वर्तमान में इसके लिए 3,500 से 7,500 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इसी तरह 60 रुपये का पानी बिल बढ़ाकर 200 रुपये कर दिया गया है, जिससे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ा है।
सफाई व्यवस्था बुरे दौर में
सफाई व्यवस्था पर कांग्रेस ने कहा कि नगर निगम ने सफाई का ठेका पहले की तुलना में करीब तीन गुना अधिक राशि में दिया है, लेकिन इसके बावजूद शहर की सफाई व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं दिख रहा। उनका कहना था कि स्वच्छता रैंकिंग में बेहतर प्रदर्शन का दावा किया जा रहा है, जबकि जमीनी स्तर पर कई वार्डों में गंदगी और अव्यवस्था की स्थिति बनी हुई है।
सड़कों की बदहाल स्थिति
सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर विपक्ष ने कहा कि कोरबा से कटघोरा, चांपा और कुसमुंडा मार्ग सहित शहर की कई सड़कें जर्जर हैं, जिसके कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं में लोगों की जान जा रही है। उन्होंने सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने की मांग की।
उद्यानों और सामुदायिक भवनों का निजीकरण कर दिया गया
कांग्रेस पार्षदों ने आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में बनाए गए उद्यानों और सामुदायिक भवनों का निजीकरण कर दिया गया है, जिससे आम नागरिकों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। साथ ही विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ वार्डों में करोड़ों रुपये के कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कई वार्ड विकास से पूरी तरह वंचित हैं।
पुरानी सिटी बसें कंडम हालत में खड़ी हैं, इसके बावजूद नई सिटी बस योजना शुरू की जा रही है। पार्षदों ने सवाल उठाया कि पहले पुरानी बसों का उपयोग सुनिश्चित क्यों नहीं किया गया और जनता के पैसे का इस तरह दुरुपयोग क्यों हो रहा है,
पूरे जिले में बिजली व्यवस्था बदहाल
बिजली व्यवस्था और बढ़े हुए बिजली बिलों को लेकर भी कांग्रेस ने सरकार को घेरा। पार्षदों ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय 400 यूनिट तक बिजली मुफ्त देने की योजना लागू थी, जबकि वर्तमान सरकार ने इसे घटाकर 100 यूनिट कर दिया। इसके साथ ही बिजली दरों में दो बार बढ़ोतरी कर आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हल्की हवा या बारिश होते ही शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है, लेकिन व्यवस्था सुधारने की दिशा में कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं।
कांग्रेस पार्षदों ने कहा कि नगर निगम और सरकार को उपलब्धियों के प्रचार के बजाय शहर की मूलभूत समस्याओं सड़क, सफाई, पेयजल, बिजली और समान विकास पर गंभीरता से काम करना चाहिए। उनका दावा था कि शहर की वास्तविक स्थिति सरकारी दावों से मेल नहीं खाती और जनता आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रही है।









