एशियन गेम्स का गोल्ड लेकर घर पहुंचीं संजू, पाली में हुआ जोरदार स्वागत, देखिए वीडियो
नमस्ते कोरबा :- कोरबा की धरती ने एक बार फिर साबित किया है कि प्रतिभा संसाधनों की मोहताज नहीं होती। जरूरत होती है तो सिर्फ हौसले मेहनत और उस सपने को पूरा करने के जुनून की जिसे आंखों में संजोया गया हो। पाली की बेटी संजू देवी ने एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाकर न केवल अपने परिवार और गांव, बल्कि पूरे छत्तीसगढ़ और देश का नाम रोशन किया है।
एशियन गेम्स-2026 में भारतीय महिला कबड्डी टीम को स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाने वाली संजू देवी जब अपने गृह ग्राम पाली लौटीं तो उनका स्वागत किसी बेटी की घर वापसी से कहीं बढ़कर था। आतिशबाजी, स्वागत और लोगों के चेहरों पर दिखाई देता गर्व यह बता रहा था कि संजू की उपलब्धि अब केवल उनके परिवार की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र की उपलब्धि बन चुकी है।
संजू की सफलता के पीछे उनके माता-पिता का संघर्ष भी उतना ही महत्वपूर्ण है। सीमित संसाधनों के बीच बेटी के सपनों को पंख देना और उसे लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना आसान नहीं होता। संजू की उपलब्धि इस बात का प्रमाण है कि जब परिवार अपने बच्चों के सपनों के साथ खड़ा होता है तो छोटे गांवों से भी बड़ी कहानियां जन्म लेती हैं,
स्वागत समारोह में विधायक तुलेश्वर सिंह मरकाम ने संजू और उनके माता-पिता के संघर्ष को सफलता का आधार बताते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि छोटे से गांव की बेटी ने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया है। संजू ने भी इस मुकाम तक पहुंचाने वाले परिवार, प्रशिक्षकों, सहयोगियों और शुभचिंतकों के प्रति आभार जताया। उनकी यह विनम्रता बताती है कि बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के बाद भी अपनी जड़ों से जुड़े रहना ही असली सफलता है।
आज पाली की गलियों में जिस बेटी के स्वागत में आतिशबाजी हुई, कल वही बेटी छत्तीसगढ़ की नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा बन सकती है।संजू ने मैदान में स्वर्ण जीता है, लेकिन उनकी सफलता ने पाली और पूरे कोरबा के दिलों में जो गर्व जगाया है, वह किसी पदक से कम नहीं।
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