मदरसा अहमदिया साबिरिया -मस्जिद गरीब नवाज में कौमी एकता के संदेश के साथ मनाया गया स्वतंत्रता दिवस,देश कौमी समरसता से बनती है उपद्रव से नहीं …समाजसेवी महावीर अग्रवाल
रायगढ़। मदरसा अहमदिया साबिरिया – मस्जिद गरीब नवाज मधुबनपारा में स्वतंत्रता दिवस पूरे हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि हाजी शेख कलीमुल्लाह वारसी (साबिक सदर मदरसा अहमदिया साबिरिया – मस्जिद ग़रीब नवाज कमेटी )द्वारा ध्वजारोहण कर तिरंगे को सलामी दी गई और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर शहीदों को श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन मस्जिद गरीब नवाज कमेटी परिसर मधुबन पारा मे किया गया। इस मौके पर हजरत मौलाना शाबानुल्लाह मीनाई साहब, हजरत मौलाना दानिश साबरी साहब,खतीब व इमाम मस्जिद ग़रीब नवाज, जनाब गुलाम रहमान खान सदस्य हज कमेटी, समाजसेवी महावीर अग्रवाल, हाजी शेख मुबस्सिर हुसैन सदर सीरतुन्नबी कमेटी, हाजी गुलाम रसूल खान सह सचिब दरगाह लूतरा शरीफ, हाजी शेख अब्दुल्लाह साबरी सदर मस्जिद ग़रीब नवाज उपस्थित थे.

इस अवसर पर वक़्ताओ एवं मुख्य अतिथि ने कौमी एकता, भाईचारे और देश की एकता-अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान इसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। हमें मिल-जुलकर देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए काम करना है.वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी धर्मों और समाज के लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है।
इसलिए आजादी की इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है. वक्ताओ ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को याद करते हुए कहा कि आजादी की रक्षा के लिए उन वीर शहीदों के बलिदान को हमेशा याद रखना होगा। उन्होंने कहा कि देश की एकता और अखंडता को मजबूत रखना ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

कार्यक्रम में मौजूद सभी अतिथियों एवं वक्ताओं ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। आयोजन में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे और देश की एकता, भाईचारे तथा अमन-चैन का संदेश दिया। इस अवसर पर उन्होंने कौमी एकता, भाईचारे और देश की एकता-अखंडता को मजबूत बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान इसकी गंगा-जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे से है। हमें मिल-जुलकर देश की तरक्की और अमन-चैन के लिए काम करना चाहिए।

समाजसेवी महावीर अग्रवाल ने संबोधित करते हुए कहा कि देश को आजादी किसी एक वजह से नहीं मिली इसमें सभी वर्ग समाज धर्म के लोगों की शहादत से मिली है। इस मुल्क को तोड़ना चाहते हैं, स्वतंत्रता को तोड़ना चाहते हैं लेकिन हम भारत के लोगों की एकजुटता से यह टूट नहीं सकता है। यही हम भारतीयों की पहचान है और जिसके कारण हम भारतीय लोग पहचाने जाते है। धर्म के नाम पर कुछ ही लोगों के चलते यह सब उपद्रव होते हैं, जिनका मैं समर्थन नहीं करता। मेरा हमेशा यह मानना है कि सामाजिक समरसता से देश आगे बढ़ेगा।
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानियों के योगदान को याद करते हुए कहा कि देश की आजादी किसी एक समुदाय की नहीं, बल्कि सभी धर्मों और समाज के लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। इसलिए आजादी की इस विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना और आपसी सौहार्द बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। हाजी शेख कलीमुल्लाह वारसी,हाजी शेख मुबस्सीर हुसैन , हाजी शेख अब्दुल्लाह, हाजी गुलाम रसूल खान, हाजी गुलाम शोएब खान, जनाब महावीर अग्रवाल, जनाब ब्रजकिशोर पटेल, जनाब नितेश लाल,अरशद वारसी, शेख अतहर हुसैन, मोहम्मद शब्बीर साबरी, सैयद साबिर, मोहम्मद नवाब (नब्बू ) पार्षद, हिदायत खान, मतीन कुरैशी, कलीम बख्श, मोहम्मद इस्माइल मोहम्मद अकमल साबरी, मोहम्मद ताजरब्बानी, वारिस खान, अखलाक खान, मोहम्मद यूनुस भाई, शेख ओबेदुल्ला, मोहम्मद तौकीर साबरी, अमान साबरी आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन शेख अतहर हुसैन सदर जश्ने ईद मिलादुन्नबी कमेटी द्वारा किया गया।
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