जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में फूटा SECL प्रभावितों का गुस्सा, बैरिकेडिंग तोड़ कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ा जनसैलाब
नमस्ते कोरबा :- एसईसीएल खदानों से प्रभावित भू-विस्थापितों का आक्रोश सोमवार को सड़कों पर खुलकर सामने आया, जब प्रदेश के पूर्व राजस्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल के नेतृत्व में हजारों की संख्या में ग्रामीण कलेक्टर कार्यालय घेराव के लिए निकल पड़े। पूरे आंदोलन में अग्रवाल की सक्रिय भूमिका और आक्रामक तेवर केंद्र में रहे।
घंटाघर स्थित ओपन थिएटर में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए जयसिंह अग्रवाल ने एसईसीएल प्रबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्षों से प्रभावितों को उनका अधिकार मुआवजा, रोजगार और पुनर्वास नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र रूप दिया जाएगा।
सभा के बाद अग्रवाल स्वयं प्रदर्शनकारियों के साथ पैदल मार्च में शामिल हुए। निहारिका चौक से कोसा बाड़ी मार्ग तक निकली रैली में हजारों ग्रामीणों ने एक स्वर में प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। कलेक्टर कार्यालय की ओर बढ़ते इस जनसैलाब को रोकने के लिए प्रशासन ने सुभाष चौक के पास बैरिकेडिंग की थी, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने उसे तोड़ते हुए आगे बढ़ गए,स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारियों ने समझाइश देकर हालात को नियंत्रित करने की कोशिश की, हालांकि प्रदर्शनकारियों के तेवर लगातार उग्र बने रहे।जयसिंह अग्रवाल ने दोहराया कि यह लड़ाई प्रभावितों के अधिकारों की है और अगर जरूरत पड़ी तो बिलासपुर में SECL मुख्यालय का भी घेराव किया जाएगा,
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