SECL प्रभावितों का कलेक्ट्रेट घेराव 15 जून को,रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे को लेकर वर्षों से जारी अनदेखी पर भड़का आक्रोश, हजारों लोगों के जुटने की संभावना
नमस्ते कोरबा : जिले में SECL की विभिन्न परियोजनाओं से प्रभावित भू-विस्थापितों और ग्रामीणों ने अपनी वर्षों पुरानी समस्याओं के निराकरण के लिए अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। विभिन्न विस्थापित संगठनों के संयुक्त मंच ने 15 जून 2026 को कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने का निर्णय लिया है। इस दौरान बड़ी संख्या में प्रभावित परिवारों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
भू-विस्थापितों की प्रमुख मांगों में स्थायी रोजगार, समुचित पुनर्वास, उचित मुआवजा तथा बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता शामिल है। संगठनों का कहना है कि इन मांगों को लेकर कई बार शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपे गए और ध्यान आकर्षित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई। इससे प्रभावितों में गहरा असंतोष व्याप्त है।
आंदोलन को लेकर संगठनों ने संयुक्त रूप से मुख्यमंत्री, प्रभारी मंत्री, सांसद एवं क्षेत्र के वर्तमान और पूर्व विधायकों को भी ज्ञापन भेजकर समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है। इसके बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं होने से अब आंदोलन को तेज करने का निर्णय लिया गया है।
इस बीच, भू-विस्थापित प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल से मुलाकात कर उन्हें आंदोलन का नेतृत्व करने का आग्रह किया। अग्रवाल ने प्रभावितों की मांगों को जायज बताते हुए उनके समर्थन में हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया है।
विस्थापित संगठनों ने सभी प्रभावित परिवारों, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से अपील की है कि वे 15 जून को अधिक से अधिक संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद करें, ताकि वर्षों से लंबित समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
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