घर बना ‘मिनी चिड़ियाघर’, प्रकृति प्रेम से पहचान बना रहे यादव बंधु,पेड़-पौधों और पशु-पक्षियों के संग सहेजा अनोखा संसार, मोहल्ले में बन रहा आकर्षण का केंद्र
नमस्ते कोरबा :- शहर के बलगी मोड़ क्षेत्र में रहने वाले वीरेंद्र यादव और सुरेंद्र यादव ने प्रकृति और जीव-जंतुओं के प्रति अपने प्रेम से एक अलग ही मिसाल कायम की है। उनका घर आज किसी मिनी चिड़ियाघर और नर्सरी से कम नहीं दिखता, जहां हरियाली के साथ पशु-पक्षियों का अनोखा संसार बसता है।
दोनों भाई बचपन से ही प्रकृति प्रेमी रहे हैं और इसी लगाव को उन्होंने अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। उनके घर में करीब 31 प्रकार के पेड़-पौधे लगे हुए हैं, जिनमें आम, अमरूद, नीम, तुलसी और कई सजावटी पौधे शामिल हैं। ये पौधे न केवल घर की सुंदरता बढ़ाते हैं, बल्कि आसपास के लोगों को भी आकर्षित करते हैं। लोग यहां आकर पौधों के बारे में जानकारी भी लेते हैं।

पशु-पक्षियों का भी सुरक्षित आशियाना
पेड़-पौधों के साथ-साथ यह घर कई पशु-पक्षियों का भी बसेरा बना हुआ है। यहां टर्की मुर्गी, विभिन्न प्रजातियों के कबूतर, तोता, कुत्ता, बिल्ली और सफेद चूहे पाले गए हैं। परिवार के सदस्य इन सभी जानवरों को अपने परिवार की तरह रखते हैं और उनकी देखभाल, दाना-पानी, इलाज और साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखते हैं।
टर्की मुर्गी बनी आकर्षण का केंद्र
इन सभी जीवों में टर्की मुर्गी लोगों के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। करीब 17 किलो वजन वाली यह टर्की अपने अनोखे अंदाज और रंग बदलती कलगी के कारण दूर-दूर से लोगों को आकर्षित करती है। वीरेंद्र यादव बताते हैं कि वे इसे करीब तीन साल पहले लाए थे, जो अब परिवार का अहम हिस्सा बन चुकी है और बच्चों की खास पसंद भी है।
प्रकृति से लगाव का संदेश
सुरेंद्र यादव का कहना है कि बचपन से ही उन्हें पेड़-पौधों और जीव-जंतुओं से लगाव रहा है। उनके लिए इनका पालन केवल शौक नहीं, बल्कि खुशी का स्रोत है। उनका मानना है कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग प्रकृति से दूर होते जा रहे हैं, जबकि यही पेड़-पौधे और जीव-जंतु जीवन का संतुलन बनाए रखते हैं।
मोहल्ले के लोगों के अनुसार यादव बंधुओं के इस प्रयास से बच्चों में भी पर्यावरण और जीव-जंतुओं के प्रति जागरूकता और प्रेम बढ़ रहा है।










