“आस्था, उत्साह और संस्कृति का महाकुंभ बना कोरबा: भगवा लहर में डूबा शहर, भव्य शोभायात्रा ने रचा इतिहास

Must Read

“आस्था, उत्साह और संस्कृति का महाकुंभ बना कोरबा: भगवा लहर में डूबा शहर, भव्य शोभायात्रा ने रचा इतिहास

नमस्ते कोरबा :-हिंदू नववर्ष के पावन अवसर पर गुरुवार को कोरबा शहर ने आस्था, संस्कृति और जनउत्साह का ऐसा विराट दृश्य देखा, जिसने पूरे शहर को एक सूत्र में बांध दिया। सुबह से ही नगर में उत्सव का माहौल देखने को मिला हर गली, हर चौक भगवा ध्वजों से सजा हुआ था, जबकि रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट ने पूरे शहर को मानो दुल्हन की तरह सजा दिया था।

जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया, शहरवासियों का उत्साह भी चरम पर पहुंचता गया। दोपहर होते-होते प्रमुख चौक-चौराहों और सड़कों पर जनसैलाब उमड़ पड़ा। हर उम्र के लोग बच्चे, युवा, महिलाएं और बुजुर्ग इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने के लिए सड़कों पर नजर आए।

हिंदू नववर्ष के इस खास मौके पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा पूरे आयोजन का केंद्र बिंदु रही। हिंदू क्रांति सेना, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) एवं सर्व हिंदू समाज के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस यात्रा ने कोरबा की सड़कों को भक्तिमय ऊर्जा से भर दिया।

शोभायात्रा दो अलग-अलग स्थानों से प्रारंभ हुई एक सीतामढ़ी स्थित रामजानकी मंदिर से और दूसरी कोसाबाड़ी हनुमान मंदिर से। दोनों यात्राएं शहर के प्रमुख मार्गों से होती हुई टीपी नगर में जाकर एक विशाल जनसमूह में परिवर्तित हो गईं।

हालांकि यात्रा का निर्धारित समय दोपहर 3 बजे था, लेकिन लोगों की भारी भीड़ और उत्साह के चलते यह शाम 6 बजे के बाद ही विधिवत प्रारंभ हो सकी। इसके बावजूद लोगों का जोश जरा भी कम नहीं हुआ, बल्कि शाम ढलते-ढलते यह आयोजन और अधिक भव्य होता चला गया।

इस शोभायात्रा की सबसे बड़ी विशेषता रही देश के विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृतियों का अद्भुत संगम। छत्तीसगढ़ के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, केरल, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत कुल 13 राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया।

कलाकारों द्वारा प्रस्तुत झांकियां न केवल आकर्षण का केंद्र बनीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की विविधता और समृद्धि का जीवंत प्रदर्शन भी करती नजर आईं। जगह-जगह इन झांकियों का पुष्पवर्षा और तालियों के साथ स्वागत किया गया।

डीजे पर बजते भक्ति गीतों और जयघोषों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “जय श्रीराम” के गगनभेदी नारों के बीच युवा, महिलाएं और बच्चे झूमते नजर आए। हाथों में भगवा ध्वज लिए युवाओं की टोलियां अनुशासन और ऊर्जा के साथ यात्रा में शामिल रहीं।

यात्रा मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल लगाए गए थे। यहां श्रद्धालुओं के लिए ठंडा पानी, शरबत, फल और खाद्य सामग्री की व्यवस्था की गई थी। भीषण गर्मी के बीच यह सेवा व्यवस्था लोगों के लिए राहत का बड़ा माध्यम बनी। सुभाष चौक निहारिका, घंटाघर सहित कई प्रमुख स्थानों पर झांकियों का विशेष स्वागत किया गया, जहां बड़ी संख्या में लोग रुककर प्रस्तुतियों का आनंद लेते नजर आए।

कोरबा में मनाया गया हिंदू नववर्ष का यह उत्सव भव्यता, आस्था और सांस्कृतिक विविधता का अद्वितीय उदाहरण बन गया। हालांकि ट्रैफिक प्रबंधन की कमियां सामने आईं, लेकिन जनसैलाब का जोश और श्रद्धा इस आयोजन को ऐतिहासिक बना गई।

Read more :- पूर्व मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने चैत्र नवरात्रि पर्व के अवसर पर कोरबा वासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,580SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

*बालको में महिला क्रेन पायलट की तैनाती, महिला नेतृत्व को मिला बढ़ावा*

*बालको में महिला क्रेन पायलट की तैनाती, महिला नेतृत्व को मिला बढ़ावा* नमस्ते कोरबा : वेदांता समूह की कंपनी भारत...

More Articles Like This

- Advertisement -