इंजेक्शन लगते ही बिगड़ी हालत, 13 माह की मासूम ने तोड़ा दम,परिजनों ने लगाया लापरवाही का आरोप, निष्पक्ष जांच की मांग
नमस्ते कोरबा :- जिले से एक बेहद मार्मिक और चिंताजनक मामला सामने आया है। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान 13 माह की मासूम बच्ची की मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए जा रहे हैं। इस घटना ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, बरमपुर वार्ड निवासी प्रियंका केवट अपने पति संजू केवट के साथ अपनी 13 माह की पुत्री वान्या केवट को 20 फरवरी 2026 को सर्दी-खांसी और निमोनिया की शिकायत के चलते जिला अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों का कहना है कि जांच के बाद डॉक्टर ने बच्ची को भाप देने और निगरानी के लिए भर्ती करने की सलाह दी।
आरोप है कि आपातकालीन वार्ड में बच्ची के हाथ में कैनुला लगाया गया। इस दौरान बच्ची लगातार रो रही थी। मां प्रियंका केवट का कहना है कि उन्होंने डॉक्टर से इंजेक्शन न लगाने और पहले बच्ची को शांत करने का अनुरोध किया था, लेकिन उनकी बात को अनसुना कर इंजेक्शन लगा दिया गया। परिजनों का दावा है कि इंजेक्शन लगते ही बच्ची की हालत अचानक बिगड़ गई और वह अचेत अवस्था में चली गई।
बताया जा रहा है कि बच्ची चार दिनों तक कोमा में रही और 24 फरवरी की रात उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। परिजनों और स्थानीय लोगों ने अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ नाराजगी जताई।
परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, संबंधित डॉक्टर एवं स्टाफ पर कड़ी कार्रवाई और जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर सही और सावधानीपूर्वक उपचार मिलता तो मासूम की जान बचाई जा सकती थी। फिलहाल अस्पताल प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली को लेकर आम लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखी जा रही है।









