नमस्ते कोरबा :: शाम 6:00 बजे पुलिस कुछ देर के लिए सक्रिय होती है और दुकान बंद करा रही है। इसके बाद रास्ते पर भीड़ लगाने वालों पर धारा 144 के तहत कार्रवाई करने से पीछे हट रही है केवल दुकानों का समय परिवर्तन कर और उनको बंद कराकर धारा 144 से खानापूर्ति की जा रही, इधर जिलेवासियों की लापरवाही भी कम नहीं हो रही है। प्रशासन को सख्ती बरतने की अवश्यकता है। लेकिन अधिकारियों के मौन होने से कोरोना की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में अब संक्रमण को नियंत्रण में लाने के लिए केवल दुकानों को बंद कराना एकमात्र उपाय नहीं रह जाएगा रायपुर, दुर्ग के तरह अब कोरबा में भी कोरोना के केस बढ़ते जा रहे हैं । स्थिति नियंत्रण से बाहर हो चुकी है। हर दिन संक्रमित होने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है। यदि संक्रमण की रफ्तार इसी तरह से बढ़ती रही तो आने वाले कुछ ही दिनों के भीतर स्थिति हाथ से बाहर निकल सकती है। बढ़ते मामलों के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई खास कदम नहीं उठाए हैं। नियंत्रण के नाम पर सिर्फ मास्क न पहनने वालों पर जुर्माना कार्रवाई और मुनादी हो रही है। जबकि अब सख्ती बरतने का समय आ चुका है। धारा 144 का पालन करते हुए जिलेवासी नजर नहीं आ रहे हैं। लोगों में इतनी अधिक लापरवाही है कि तमाम कोशिशों के बाद भी वे दिशा-निर्देश का पालन नहीं कर रहे हैं। अपने साथ दूसरों को भी खतरे में डाल रहे हैं।
न तो लोग मास्क पहन रहे हैं और न ही शारीरिक दूरी का पालन कर रहे हैं। बाजार, शापिंग माल, कार्यालय आदि स्थानों में पहले की तरह भीड़ उमड़ रही है और लोग संक्रमित हो रहे हैं। इधर जिला प्रशासन को सख्ती बरतने की आवश्यकता है। लेकिन इसके बाद भी अधिकारियों का शांत बैठना सीधे तौर पर कोरोना को बढ़ावा देने का काम कर रहा है।









