रूस के राष्ट्रपति ने जैसे ही गुरुवार की अनुसार सुबह यूक्रेन पर सैनिक कार्यवाही के आदेश दिए वैसे ही कोरबा की मार्केट से खाने के तेल गायब हो गए है, शाम होते तक शहर के छोटे दुकानदारों तक खाने के तेल की सप्लाई रोक दी गई है एवं तेलों के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि कर दी गई है,जो तेल का पाउच कल ₹140 लीटर मिल रहा था वह अचानक से आज 155 से 160 रुपए प्रति लीटर हो गया है, इससे अंदाजा यह लगाया जा सकता है कि युद्ध का असर देश में हो या ना हो कोरबा की आम जनता की जेब ढीली होनी तय है. लगता है व्यापारियों की इंसानियत खत्म हो गई है मौके का फायदा उठाने में हरदम आगे रहने वाले व्यापारी वर्ग द्वारा खाने के तेलों के दामों में अप्रत्याशित वृद्धि इसका एक उदाहरण है अब देखना यह है कि प्रशासन इस अप्रत्याशित वृद्धि से आम जनों को किस प्रकार राहत दिला पाती है,
रूस और यूक्रेन के युद्ध के बीच कोरबा के व्यापारियों की बल्ले-बल्ले, खाद्य तेलों की कालाबाजारी शुरू
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