Korba breaking : कांग्रेस कार्यालय में भाजपा के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने जमकर हुई नारेबाजी,कांग्रेस अध्यक्ष ने लगाए पुलिस पर पक्षपात के आरोप
नमस्ते कोरबा : टीपी नगर स्थित कांग्रेस कार्यालय में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश राठौर ने पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों को कार्यालय के बरामदे तक पहुंचने दिया गया और इस दौरान पुलिस का रवैया निष्पक्ष नहीं रहा। हालांकि मामले में पुलिस और भाजपा पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
राठौर के अनुसार कांग्रेस कार्यालय में साप्ताहिक बैठक के दौरान भाजपा जिला अध्यक्ष गोपाल मोदी, महापौर संजू देवी राजपूत सहित बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी घेराव करने पहुंचे। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने सड़क के दोनों ओर बैरिकेडिंग के लिए सामान तो रखा, लेकिन बैरिकेड नहीं लगाए गए। इस दौरान दोनों दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की।
टीआई के व्यवहार पर कांग्रेस ने जताई आपत्ति
मुकेश राठौर ने आरोप लगाया कि टीआई प्रेमकुमार साहू ने कांग्रेस पदाधिकारियों के साथ सख्त व्यवहार किया, जबकि भाजपा जिला अध्यक्ष को लाउडस्पीकर पर भाषण देने दिया गया। राठौर के मुताबिक कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कार्यालय के बरामदे में भाषण का विरोध किया तो टीआई ने उन्हें कथित तौर पर देख लेने की बात कही। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को पुलिस की निष्पक्षता से जुड़ा गंभीर सवाल बताया।
राठौर ने सवाल उठाया कि आखिर किस परिस्थिति में प्रदर्शनकारियों को कांग्रेस कार्यालय के बरामदे तक पहुंचने दिया गया? जब दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने थे, तब पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए? उनके मुताबिक पुलिस की जिम्मेदारी दोनों पक्षों के लिए समान व्यवस्था बनाए रखने की थी।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने संबंधित पुलिस अधिकारी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषी पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मामले में कार्रवाई नहीं हुई तो कांग्रेस इसी माह व्यापक घेराव की कार्ययोजना तैयार करेगी। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।










