अघोषित बिजली कटौती संकट पर खामोश सत्ता,उबलता कोरबा: अघोषित कटौती ने तोड़ी जनता की सहनशक्ति
नमस्ते कोरबा : भीषण गर्मी के बीच कोरबा शहर इन दिनों अघोषित बिजली कटौती की गंभीर समस्या से जूझ रहा है। हालात ऐसे हैं कि बिना किसी पूर्व सूचना के घंटों बिजली गुल हो रही है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। उमस भरी रातें, तपती दोपहर और बंद पंखे,इन परिस्थितियों में लोग राहत के बजाय परेशानी ही झेल रहे हैं।
शहर के कई इलाकों में बार-बार बिजली जाने से न केवल घरेलू जीवन प्रभावित हो रहा है, बल्कि छोटे व्यापारियों और दुकानदारों को भी भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। जल आपूर्ति व्यवस्था भी चरमरा गई है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। खासकर बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोग इस अव्यवस्था का सबसे ज्यादा खामियाजा भुगत रहे हैं।
लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस गंभीर मुद्दे पर जनप्रतिनिधियों की चुप्पी आखिर क्यों है? जनता का आरोप है कि सत्ता में बैठे जिम्मेदार नेता और अधिकारी इस समस्या पर पूरी तरह मौन साधे हुए हैं। न कोई ठोस कार्रवाई, न ही कोई स्पष्ट जवाब ऐसे में लोगों का आक्रोश अब खुलकर सामने आने लगा है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि “बिजली विभाग की मनमानी और जनप्रतिनिधियों की मौन स्वीकृति ने हालात को और बिगाड़ दिया है। अगर यही स्थिति रही, तो अब सड़कों पर उतरना ही एकमात्र विकल्प बचेगा।” शहर में बढ़ते असंतोष के बीच यह साफ दिख रहा है कि अगर जल्द ही इस अघोषित कटौती पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो जनता का यह गुस्सा किसी बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकता है।
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