
छत्तीसगढ़ सरकार के सफलतम 3 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में जनसंपर्क विभाग द्वारा नगर निगम कार्यालय साकेत भवन परिसर में विकास प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। राजस्व एवं आपदा मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने आज विकास प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। विकास प्रदर्शनी में आम जनों के लिए सरकार के पिछले 3 वर्षों में जनहितकारी योजनाओं की उपलब्धियों और जानकारी को छाया चित्रों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। राजस्व मंत्री अग्रवाल ने प्रदर्शनी में जनप्रतिनिधियों के साथ छायाचित्र के माध्यम से प्रदर्शित की गई सभी योजनाओं-उपब्धियों का अवलोकन किया। विकास प्रदर्शनी के शुभारंभ अवसर पर महापौर राजकिशोर प्रसाद, कलेक्टर श्रीमती रानू साहू, नगर निगम आयुक्त कुलदीप शर्मा, एमआईसी सदस्य संतोष राठौर, सुखसागर निर्मलकर, श्रीमती सपना चौहान, पालूराम साहू, सुनील पटेल, पार्षद सुरेन्द्र जयसवाल सहित नगर निगम के अन्य पार्षद और एल्डरमैन, गणमान्य नागरिक एवं जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए।
विकास प्रदर्शनी के शुभारंभ के अवसर पर राजस्व मंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ की जनकल्याणकारी योजनाओं को छाया चित्र के माध्यम से विकास प्रदर्शनी में प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी के माध्यम से सुराजी गांव योजना,नरवा गरवा घुरवा बाड़ी गोधन न्याय योजना सहित सरकार की जनहितकारी योजनाओं और कार्यक्रमों आदि की जानकारी लोगों को मिलेगी और लोग आसानी से इन योजनाओं का लाभ उठा सकेंगे। राजस्व मंत्री श्री जयसिंह अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ने पिछले 3 वर्षों में सभी वर्गों के हित में काम किया है। प्रदेश की सरकार सही मायने में किसानों, मजदूरों, आम आदमी की सरकार है, और सभी धर्म, जाति के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी जैसे विपरीत हालातों में भी छत्तीसगढ़ सरकार ने आमजनों की सहुलियत और सुविधाओं के लिए काम किया है। शासन द्वारा कोरोना काल के दौरान दूसरे प्रदेशों में गए छत्तीसगढ़ के लगभग साढ़े सात लाख मजदूरों को अन्य प्रदेशों से वापस लाकर उनके रहने का इंतजाम और निशुल्क भोजन का व्यवस्था भी अच्छे तरीके से किया गया। राजस्व मंत्री ने कहा कि पिछले 3 वर्षों में 72 तहसीलें बनाई गई हैं। लोगों की सुविधा के लिए तहसीलें-उपतहसीलें लगातार खोली जा रही है। इससे अब दूर-दराज के लोगों को अपने छोटे-छोटे राजस्व संबंधी कामों के लिए लंबी दूरी तय करने की परेशानी से मुक्ति मिल गई है। उन्होंने कहा कि आबादी भूमि सर्वेक्षण के काम के लिए भी 3 जिलों का पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चयन किया गया है। इन जिलों में कोरबा, कवर्धा और दुर्ग शामिल है। सर्वे होने के पश्चात राजस्व रिकॉर्ड दुरुस्त होंगे और लोगों को पट्टा देने में भी सहूलियत होगी।









