नमस्ते कोरबा :-: कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर पूरे देश में दहशत का माहौल देखा जा रहा वहीं ज्यादातर राज्यों में स्कूल कॉलेजों को पूरी क्षमता के साथ खोलने की अनुमति मिल गई है । लेकिन कोरोना अभी खत्म नहीं हुआ है । आए दिन न्यूज़ चैनलों, अखबारों व सोशल मीडिया में स्कूल कॉलेज शिक्षकों अथवा विद्यार्थियों के कोरोना की चपेट में आने की खबरें मिल रही है । अब चुना भट्टी रोड गोढ़ी स्थित जैन पब्लिक स्कूल में एक शिक्षिका में कोरोना पॉजिटिव की पुष्टि होते ही विद्यालय में हड़कंप मच गया । वहीं विद्यालय प्रबंधन इस मामले को छिपाने में लगा हुआ है ।
बता दें कि कुछ दिन पहले बालको के एमजीएम स्कूल में एक शिक्षक के कोरोना पॉजिटिव पाए जाने की पुष्टि हुई थी । हालांकि लगभग 10 दिन गुजर जाने के बाद किसी अन्य शिक्षक शिक्षिका अथवा विद्यार्थियों में कोरोना संक्रमण के लक्षण नजर नहीं आए हैं ।
उधर 4 दिसंबर को जैन पब्लिक स्कूल में एक शिक्षिका कोरोना संक्रमित मिली लेकिन इस मामले को शाला प्रबंधन ने छिपाने की पूरी कोशिश की । विद्यालय में इन दिनों दसवीं स्टैंडर्ड की फर्स्ट सेमेस्टर की परीक्षाएं चल रही है लेकिन अन्य कक्षाओं को एकाएक बंद कर दिया गया जिससे ये बात आम होते देर नहीं लगी कि कोरोना ने इस विद्यालय में भी सेंध लगाई है ।
जैन पब्लिक स्कूल की प्राचार्या से जब इस मामले में जानकारी मांगी गयी तो उन्होंने इसे एक सिरे से खारिज कर दिया जबकि खुद स्वास्थ्य विभाग ने कथित शिक्षिका के कोरोना पॉजिटिव होने की पुष्टि की है ।
इस घटना से यहां पढ़ने वाले बच्चों और पालकों में खौफ का माहौल है क्योंकि जाँच रिपोर्ट आने तक उक्त शिक्षिका द्वारा बाकायदा अध्यापन कार्य कराया जा रहा था ।
निजी स्कूलों की मनमानी किस कदर व्याप्त है जिससे पता चल रहा है शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का खुलेआम उल्लंघन करना इनकी नियति बन गई है, जिला शिक्षा विभाग में कोरोना को लेकर सुस्त रवैया अपना रहा है स्कूलों में किसी भी प्रकार की मॉनिटरिंग नहीं हो रही की स्कूल प्रबंधन कोरोना गाइडलाइन का पालन करा रहे हैं कि नहीं,
राज्य सरकार द्वारा 100% क्षमता के साथ विद्यालय खोलने की अनुमति दिए जाने के साथ ही निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं पूर्णतः बंद कर दी गई है पूर्व में जारी नियमों के मुताबिक स्कूलों को ऑनलाइन तथा ऑफलाइन दोनों ही मोड़ मैं कक्षाएं संचालित करने हैं,छात्र अपनी सुविधानुसार कक्षा का चयन कर सकते हैं नियमों को ताक पर रखकर निजी स्कूलों द्वारा बच्चों से अनिवार्यता ऑफलाइन कक्षा में उपस्थित रहने के लिए कहा जा रहा है अभिभावकों को इस संदर्भ में मैसेज भी भेजे गए हैं स्कूल खुलने के बाद पालक अपने बच्चों को अभी ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाई करा रहे थे इन्हें भेजे गए संदेश में कहा गया है कि शाला द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं बंद की जा रही है इसलिए अध्यापन कार्य के लिए बच्चों को ऑफलाइन कक्षा में भेजना होगा पढ़ाई के लिए बनाया गया व्हाट्सएप ग्रुप में भी इस तरह के संदेश भेजे गए हैं अभिभावकों द्वारा इस संदर्भ में की जा रही शिकायतों पर प्रबंधन का कहना है कि उनके पास इतने स्टाफ नहीं है कि दोनों मोड में कक्षाएं संचालित कर सकें









