नमस्ते कोरबा :-: प्रदेश के राजनांदगांव जिले में विषाक्त खाद्य पदार्थों के सेवन से जिस तरह से 70 से अधिक बच्चे बीमार पड़े उसे देखते हुआ कोरबा का जिला प्रशासन सावधान हो गया हैं और खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच शुरु कर दी गई है। इस कड़ी में खाद्य औषधी प्रशासन की टीम ने चैपाटी का औचाक निरिक्षण किया और ठेलों में बिकने वाली खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता परखी।प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से विषाक्त भोजन के सेवन से लोगों की सेहत बिगड़ने का मामला सुर्खियों में रहा है।
पहले दशगात्र कार्यक्रम में विषाक्त भोजन के सेवन से बड़ी संख्या में ग्रामीण फूड प्वाॅइजिंग का शिकर हुए फिर उसके बाद राजनांदगांव में 70 से अधिक बच्चे गुपचुप और भेलपुरी के सेवन से बीमार हो गए। लगातार सामने आ रही घटनाओं से सबक लेते हुए कोरबा का जिला प्रशासन सतर्क हो गया है और ठेले और खोमचों में बिकने वाले खाद्य पदार्थों की जांच में जुट गया है। इसी कड़ी में खाद्य और औषधी प्रशासन की टीम चैपाटी पहुंची और स्ट्रीट फूड के रुप में बिकने वाली खाद्य सामग्रियों की जांच की।
टीम की जांच का मुख्य केंद्र खाद्य तेल रही जिनकी जांच विशेष मापक से की गई। इस दौरान कई ठेलों के तेल अमानक पाए गए जिन्हें फटकार लगाते हुए टीम ने गुणवत्तापूर्ण तेल का उपयोग करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने बताया,कि गुणवत्ताहीन तेल के सेवन से ही फूड प्वाॅइनिंग के मामले सामने आते है लिहाजा इस पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।









