कोरबा टी.पी. नगर स्थित पेट्रोल पम्प के पास वाहन चालकों से हस्ताक्षर अभियान चलाकर विरोध दर्ज कराया गया। इस मौके पर महापौर राजकिशोर प्रसाद ने कहा कि केन्द्र सरकार की गलत नीतियों के कारण पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस, खाद्य तेल, खाद्य पदार्थ, खेती उर्वरकों के दाम रोज बढ़ रहे है। उन्होंने आगे कहा कि पिछले डेढ़ साल से लोग कोरोना महामारी की मार झेल रहे है ऐसे में मजदूर निम्न वर्ग, मध्य वर्ग के परिवार सबसे ज्यादा परेशान है। छत्तीसगढ़ में प्रदेश के मुखिया भूपेश बघेल के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार कई योजनाओं के तहत लोगों को सहायता पहुंचाने का कार्य कर रही है लेकिन केन्द्र सरकार लोगों के जेबों पर डाका डालने में लगी हुई है।
सभापति श्याम सुंदर सोनी ने बताया कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री कार्यकाल के दौरान अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 103 डॉलर प्रति बैरल थी तब भी मनमोहन सिंह जी ने पेट्रोल 72 रूपये और डीजल 55 रूपये से अधिक बढ़ने नही दिया और आज जब कच्चे तेलों के किमतों में 36 प्रतिशत की कमी के बावजूद पेट्रोल व डीजल लगभग 100 रूपये प्रति लीटर में लोगों को लेना पड़ रहा है।

ब्लॉक अध्यक्ष संतोष राठौर ने कहा कि पिछले 7-8 महिनों में 25 रूपये प्रति लीटर पेट्रोल-डिजल में बढ़ाये गये है यह पहलीबार देखने में मिला है कि पेट्रोल-डीजल के दाम एक हैं। अंधेर नगरी चौपट राजा-टके सेर भाजी टके सेर खाजा के कहावत चरितार्थ करती है। उन्होने बताया कि पिछले 7 वर्षो में घरेलू रसोई गैस के दाम दो गुनी हो गई है। 1 मार्च 2014 को एलपीजी गैस के दाम 410 रूपये प्रति सिलेंडर थी और आज 880 रूपये सिलेंडर मिल रहे है। इसी वर्ष मात्र 5 महिनों के अंतराल में घरेलू गैस सिलेण्डर की कीमतों में 225 रूपयें की बढ़ोतरी की गई है।
महिला कांग्रेस अध्यक्ष कुसुम द्विवेदी ने कोरोना महामारी के बाद मंहगाई को राष्ट्रीय आपदा बताते हुए कहा कि पेट्रोल-डीजल के दामों में बढ़ोतरी करने से परिवहन मंहगा हुआ और परिवहन मंहगा हुआ तो हर प्रकार के सामाग्री के दाम बढ़े। इसका एक ही मतलब निकल कर सामने आता है कि केन्द्र की मोदी सरकार ने भारत की जनता को कोरोना के मार से उबरने से पहले ही मंहगाई की चपेट में लाने की सारे इंतजाम कर दिये है।
कोरबा ब्लॉक प्रभारी सुरेश पटेल ने बताया कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अनावश्यक बयान बाजी कर जनता का ध्यान भटकाने में लगे है। अपनी नाकामयाबी को छिपाने के लिए, आवश्यक मुद्दों से ध्यान हटाने के लिए अनावश्यक बयानबाजी करनें लगते है। उन्होने आगे बताया कि केरोसिन (मिट्टी तेल) को गरीबों का ईधन माना गया है घर में रसोई से लेकर रोशनी तक के लिए मिट्टी तेल का उपयोग किया जाता है जो मिट्टी तेल 2014 में चुनाव के पूर्व 10 रूपये प्रतिलीटर थी आज 30 रूपये हो गई है।








