त्योहारों पर थाली का सबसे जरूरी निवाला चावल भी हुआ महंगा! अब आम आदमी क्या खाए?
नमस्ते कोरबा :- धान का कटोरा कहे जाने वाले छत्तीसगढ़ में त्योहारों से ठीक पहले अब चावल भी आम आदमी की पहुंच से महंगा होता जा रहा है। चावल की लोकप्रिय किस्मों के दाम में 20 से 40 रुपये किलो तक उछाल ने मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली का स्वाद बिगाड़ दिया है। कभी रोजमर्रा की जरूरत में आसानी से खरीदा जाने वाला चावल अब घरेलू बजट पर भारी पड़ने लगा है।
चावल की कीमतों में इस तेजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 25 किलो चावल खरीदने वाले परिवार को औसतन 30 रुपये किलो की बढ़ोतरी के हिसाब से हर महीने 750 रुपये अतिरिक्त खर्च करने पड़ रहे हैं। पहले से महंगाई से जूझ रहे मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए यह खर्च कम नहीं है। हालात ऐसे हैं कि अब रसोई का बजट संभालने के लिए चावल की किस्म और खपत तक पर समझौता करना पड़ रहा है।
प्रदेश में रिकॉर्ड धान उत्पादन के बावजूद बाजार में चावल की बढ़ती कीमतें सवाल खड़े कर रही हैं। दूसरे राज्यों से आने वाली लोकप्रिय और खुशबूदार किस्मों के महंगे होने का असर स्थानीय बाजार पर भी दिख रहा है। धान उत्पादन में पहचान रखने वाले प्रदेश में आम उपभोक्ता सस्ते चावल के लिए तरस रहे हैं। महंगाई की मार ऐसी है कि मध्यमवर्गीय परिवारों की थाली से चावल की मात्रा घटने लगी है।
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