जनसुनवाई से पहले भिलाई खुर्द समेत प्रभावित गांवों की लंबित मांगें सुलझाने की मांग
नमस्ते कोरबा : भिलाई खुर्द एवं आसपास के प्रभावित गांवों में प्रस्तावित 25 सितंबर 2026 की पर्यावरणीय जनसुनवाई से पहले ग्रामीणों ने वर्षों से लंबित मांगों के निराकरण की मांग उठाई है। इस संबंध में एसईसीएल मानिकपुर प्रभावित ग्राम (भू-विस्थापित) समिति की ओर से कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर प्रशासन एवं एसईसीएल प्रबंधन से प्रभावित परिवारों के साथ सार्थक संवाद कराने का आग्रह किया गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि वे विकास और परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं, लेकिन विकास की प्रक्रिया में उन परिवारों के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए, जिनकी जमीन, आजीविका और सामाजिक जीवन परियोजनाओं से सीधे प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण लंबे समय से उचित मुआवजा, रोजगार, पुनर्वास और मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी मांगें उठाते आ रहे हैं।
ज्ञापन में विशेष रूप से मांग की गई है कि 1963-64 में जिन किसानों की भूमि अधिग्रहित की गई थी और जिन्हें अब तक एसईसीएल में विभागीय रोजगार नहीं मिला है, उन्हें भूमि के एवज में रोजगार दिया जाए। वहीं जिन प्रभावित किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिला है, उन्हें तत्काल मुआवजा उपलब्ध कराने की मांग भी की गई है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों की प्रत्येक मांग पर बिंदुवार चर्चा और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों की भूमि एवं संपत्तियों का उचित व पारदर्शी मुआवजा, पात्र युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता, विस्थापित परिवारों का सम्मानजनक पुनर्वास तथा प्रभावित गांवों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि लंबित मांगों का ठोस समाधान किए बिना जनसुनवाई आयोजित किए जाने से प्रभावित परिवारों में असंतोष बढ़ सकता है। उन्होंने जनसुनवाई से पहले प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन से प्रभावित ग्रामीणों के साथ बैठक कर मांगों पर स्पष्ट निर्णय लेने की अपील की है।
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