“जहां सड़क कहती है ‘धीरे चलिए’ :45 किमी में 230 मोड़ों का अनोखा सफर”बालकों-लेमरू पहाड़ी मार्ग बना आकर्षण का केंद्र, घने जंगल, गहरी घाटियां और हर मोड़ पर रोमांच
नमस्ते कोरबा :- कोरबा को हम अक्सर एक औद्योगिक जिले के रूप में पहचानते हैं,जहां धुआं, मशीनों की आवाज़ और भागती जिंदगी रोज़मर्रा का हिस्सा हैं। लेकिन इसी कोरबा के भीतर एक ऐसा चेहरा भी है, जो शांत है, सौम्य है और प्रकृति की गोद में सिमटा हुआ है। बालकों से लेमरू तक जाने वाली यह 45 किलोमीटर लंबी सड़क उसी अनदेखे, अनछुए कोरबा की कहानी कहती है।
इस मार्ग की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें 230 से अधिक घुमावदार और रोमांचक मोड़ों से गुजरती यह राह मानो हर यात्री से कहती है
“धीरे चलिए… यहां प्रकृति बोलती है।”
बालकों टाउनशिप से आगे बढ़ते ही घने जंगलों का सिलसिला शुरू हो जाता है। फुटहामुड़ा गांव से इस मार्ग पर खतरनाक मोड़ों की शुरुआत होती है। महज 15 किलोमीटर के भीतर 30 से अधिक मोड़ और गहरी घाटियां यात्रियों को रोमांचित कर देती हैं। पहाड़ों को काटकर बनाई गई यह सड़क इंजीनियरिंग का भी बेहतरीन उदाहरण मानी जा रही है।
इस मार्ग पर स्थित 45वें मोड़ का “कॉफी प्वाइंट” लोगों के लिए खास आकर्षण है, जहां से घाटियों का विहंगम दृश्य दिखाई देता है। आगे बढ़ने पर पुटका पहाड़ की ठंडी वादियां मिलती हैं, जहां सालभर ठंडा मौसम बना रहता है। पर्यटकों के मुताबिक यह स्थान किसी हिल स्टेशन से कम नहीं लगता।
हालांकि प्राकृतिक सौंदर्य के बीच यहां एक सच्चाई भी सामने आती है। इसी क्षेत्र में रहने वाले पहाड़ी कोरवा समुदाय आज भी बुनियादी सुविधाओं और विकास से वंचित हैं। सड़क बनने के बाद उम्मीद जगी है कि आने वाले समय में इस क्षेत्र में पर्यटन के साथ-साथ विकास को भी गति मिलेगी।
कोरबा जिले में सतरंगा, बूका और देवपहरी जैसे पर्यटन स्थलों के बीच बालकों–लेमरू मार्ग अब एक नई पहचान बना रहा है। हर एक किलोमीटर में दो से तीन मोड़ों वाला यह रास्ता न केवल रोमांचक है, बल्कि यात्रियों को सावधानी और प्रकृति के प्रति सम्मान का संदेश भी देता है।
प्रशासन और पर्यटन विभाग यदि इस मार्ग को योजनाबद्ध तरीके से विकसित करें, तो यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। फिलहाल यह सड़क उन लोगों के लिए खास बन गई है जो सुकून, रोमांच और प्रकृति के करीब जाना चाहते हैं।
यह रास्ता मानो हर राहगीर से कहता है“धीरे चलिए… यहां हर मोड़ एक कहानी सुनाता है।”
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