नमस्ते कोरबा :: कोरबा जिले में विगत 12 अप्रैल से लॉकडाउन लगा हुआ है जो आगामी 31 मई तक है लॉकडाउन के दौरान हर रोज कमाने खाने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे लोग अपने वार्ड पार्षद के पास राशन के लिए गुहार लगा रहे हैं लेकिन वार्ड पार्षद नगर निगम के भरोसे बैठे हुए हैं.नगर निगम आयुक्त के द्वारा पार्षदों को जरूरतमंदों की सूची बनाकर देने को कहा गया जिसे कई पार्षदों ने पूरा भी किया लेकिन इसी बीच आयुक्त का नया फरमान जारी हो गया की जरूरतमंद परिवार के पूरे सदस्यों का विवरण आधार कार्ड नंबर सहित निगम के फार्मा में दिया जाए जिसे नगर निगम अपने स्तर पर वेरिफिकेशन करा कर राशन वितरण करेगा अब यहां गौर करने वाली बात यह है कि जिले में लॉकडाउन लगा हुआ है जिसमें पार्षद घर घर जाकर आधार कार्ड नंबर कैसे इकट्ठा करें दूसरी बात अगर नगर निगम को वेरिफिकेशन कराना ही है तो पार्षदों से लिस्ट क्यों मांगी गई नगर निगम आयुक्त और अधिकारियों के द्वारा राशन बांटने में देरी की जा रही है जिससे कि विपक्ष के पार्षद के साथ ही साथ सत्ता पक्ष के पार्षदों ने भी हल्ला बोल दिया है पार्षदों का कहना है कि हम से पहले शहर के समाज सेवी संगठन जरूरतमंदों को राशन पहुंचा रहे हैं और हम हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं कोरबा की राजनीति में पहली मर्तबा दोनों दल के पार्षदों द्वारा गरीबों के हित में आवाज उठाई जा रही है अब देखना यह है कि नगर निगम आयुक्त के द्वारा जारी किए गए तुगलकी फरमान के जरिए नगर निगम कोरबा कितने गरीबों को राशन वितरण कर पाता है. निगम के ढीले रवैया को देखते हुए और जरूरतमंदों की मजबूरी को समझते हुए कई पार्षदों ने अपने स्तर पर लोगों को राशन पहुंचाना शुरू कर दिया है.










