कोरबा 6 मई। प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा जिला खनिज न्यास संस्थान में व्याप्त भ्रष्टाचार व न्यास की अध्यक्ष कोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू की कार्यशैली पर प्रहार करते हुए प्रदेश के खनिज सचिव सह नोडल अधिकारी जिला खनिज संस्थान न्यास को पत्र लिखा है। खनिज सचिव को लिखे पत्र में जयसिंह अग्रवाल ने कोरबा में श्रीमती रानू साहू के पदस्थापना के समय से खनिज न्यास मद में व्याप्त भ्रष्टाचार और जनहित के कार्यों पर रोक लगाते हुए मनमाना कार्यशैली को अपनाते हुए शासन को करोड़ों रूपये की क्षति पहुंचाते हुए न्यास को एक शासकीय संस्थान के रूप में न संचालित करते हुए एक निजी कम्पनी के तौर पर संचालन करते हुए सरकार की छवि धूमिल करने की बात कही है। राजस्व मंत्री ने पत्र में इस तथ्य पर विशेष ध्यान आकृष्ट किया है जिला खनिज न्यास के शासी परिषद द्वारा पूर्व में स्वीकृत कार्यों के लिए प्रशासकीय स्वीकृति न प्रदान कर जनहित के कार्यों को रोके रखा गया। इसी प्रकार से 9 मई को आयोजित की जाने वाली बैठक के लिए सदस्यों को समय पर सूचना नहीं देना, पूर्व बैठक का कार्यवृत्त उपलब्ध नहीं कराना और बैठक का कोई एजेण्डा नहीं देना यह साबित करता है कि यह न्यास एक निजी कम्पनी के तौर पर संचालित हो रहा है न कि यह एक शासकीय संस्थान है। इस विषय पर राजस्व मंत्री का कहना है कि यदि उपर्युक्त जानकारियां सदस्यों को उपलब्ध नहीं कराई जाएंगी तो सदस्य किस आधार पर नए प्रस्ताव तैयार कर बैठक में चर्चा के लिए प्रस्तुत करेंगे। इस संबंध मेें नोडल अधिकारी को 14 सितम्बर, 2021 को लिखे गए पत्र का हवाला भी राजस्व मंत्री ने दिया है जिसपर फिलहाल कोई कार्यवाही नहीं की जा सकी है। नोडल अधिकारी को भेजे पत्र में विस्तार से जानकारी देते हुए राजस्व मंत्री ने लिखा है कि कोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू, अध्यक्ष जिला खनिज न्यास संस्थान द्वारा जिला खनिज न्यास मद की राशि का जन प्रतिनिधियों एवं संस्थान के सदस्यों द्वारा प्रस्तावित कार्यों की उपेक्षा कर एक शासकीय संस्थान के नियमों की अवहेलना कर निजी संस्थान के रूप में संचालित किये जाने की जानकारी दी गई थी जिसपर आपके द्वारा किसी भी प्रकार की कार्यवाही नहीं होने की वजह से श्रीमती रानू साहू द्वारा शासकीय राशि का दुरूपयोग एवं लूट कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे छत्तीसगढ़ की शासन की छवि धूमिल हो रही है। राजस्व मंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ सरकार के मुखिया द्वारा प्रमुखता से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सड़क के कार्यों को प्रथम प्राथमिकता दी जा रही है वहीं इसके विपरीत कलेक्टर कोरबा द्वारा यदि इससे संबंधित किसी कार्य को स्वीकृति प्रदान की जाती है वह कार्य साफ तौर पर झलकता है कि इन्होंने निजी स्वार्थवश बिना किसी मांग के कमीशनखोरी के लिए कार्य की स्वीकृति प्रदान की है जिसका प्रत्यक्ष उदाहरण है कि समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ है कि खेलः खेल गढ़िया मद से स्कूलों में दो साल में दो बार हो चुकी है खेल सामग्री की खरीदी दो साल में दूर्नामेंट हुए नहीं, सामग्री न तो खराब हुई न टूटी, न गायब हुई, पुराने के उपयोग के बजाए नई खरीदी। अब फिर से 72 लाख की खेल सामग्री स्कूलों के लिए हुई खरीदी, डीएमएफ फंड से खरीदी में जल्दबाजी संबंधी समाचार का प्रकाशन किया गया है जिसमें जिला शिक्षा अधिकारी जे.पी. भारद्वाज का बयान भी प्रकाशित किया गया है जिसमें उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ‘खेल सामग्री की खरीदी डी.एम.एफ. शाखा से हुई है। इसकी जानकारी विभाग को नहीं है। हमने प्रस्ताव नहीं दिया है।‘ इससे स्पष्ट होता है कि श्रीमती रानू साहू के आचरण एवं कार्य व्यवहार से स्थानीय स्तर पर सरकार की छवि धूमिल हो रही है साथ ही संचार माध्यम की व्यापकता तथा कोरबा राष्ट्रीय स्तर का शहर होने की वजह से सम्पूर्ण राष्ट्र में छत्तीसगढ़ सरकार की छवि पर काला धब्बा लग रहा है वहीं कोरबा कलेक्टर श्रीमती रानू साहू मालामाल हो रही है।
*कोरबा जिला खनिज न्यास संस्थान में भ्रष्टाचार का बोलबाला राजस्व मंत्री ने सचिव एवं नोडल अधिकारी को लिखा पत्र*
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