नमस्ते कोरबा :-: एक ओर शहर में ठंड बढ़ने लगी है, दूसरी ओर बस स्टैंड समेत सार्वजनिक स्थानों में नगर निगम के द्वारा अब तक अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे शाम और रात के समय राहगीरों यात्रियों को ठंड की मार झेलनी पड़ रही है। कुछ दिन पहले तक बदली की वजह से ठंड कम थी। लेकिन मौसम साफ होते ही जिले में अब कड़ाके की ठंड पड़ने लगी है।
लोगों को रात के अलावा सुबह शाम के समय गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है। सुबह के समय धूप से कुछ राहत मिल जाती है। लेकिन शाम के समय ठंड का असर शुरू हो जाता है। जैसे-जैसे रात चढ़ती जाती है वैसे-वैसे तापमान गिरने लगता है और ठंड बढ़ता जाता है। राहगीर यात्री वर्ग ठंड की ज्यादा मार झेलते हैं। प्रतिवर्ष ठंड बढ़ते ही नगर निगम द्वारा लोगों को राहत दिलाने के लिए शहरी-उपनगरीय क्षेत्र में बस स्टैंड समेत प्रमुख चौक-चौराहों में अलाव की व्यवस्था की जाती है। लेकिन इस वर्ष अब तक निगम के द्वारा अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इसके कारण रात के समय लोगों को खुले में ठंड से बचने के लिए कोई साधन नहीं मिल रहा है। जबकि रात बढ़ते ही पारा गिरने से खुले में गर्म कपड़े भी असर नहीं करते हैं। इस वजह से रात के समय में सफर करने वाले राहगीर ठंड से परेशान हो रहे हैं। खासकर बस स्टैंड में पहुंचने वाले यात्रियों को ठंड से रात भर जूझना पड़ रहा है।
गांवों में जलने लगे अलाव
ठंड का असर ग्रामीण अंचल में भी हो रहा है। जहां शाम होते ही ग्रामीण पैरा का उपयोग कर अलाव जला रहे हैं। इसके अलावा घरों में गोरसी में गोबर के कंडे, लकड़ी जलाकर ठंड से बचने का प्रयास किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रों में ज्यादातर घरों में रात के समय ठंड से बचने के लिए रूम हीटर का भी उपयोग किया जा रहा है।









