Monday, January 12, 2026

कोरबा के किसान सुगंधित धान की खेती से कमा रहे दुगुना मुनाफ़ा, कृषि नवाचार और बाज़ार समझ ने बदला खेती का भविष्य

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कोरबा के किसान सुगंधित धान की खेती से कमा रहे दुगुना मुनाफ़ा, कृषि नवाचार और बाज़ार समझ ने बदला खेती का भविष्य

नमस्ते कोरबा : जिले के किसान इन दिनों सुगंधित धान की खेती को लेकर नई उम्मीदों से भरे हुए हैं। पारंपरिक किस्मों की तुलना में बाज़ार में बेहतर दाम मिलने के कारण किसान अब बड़े पैमाने पर सुगंधित धान की ओर रुख कर रहे हैं। खेती में लागत कम, उत्पादन स्थिर और विक्रय मूल्य अधिक होने से किसानों की आमदनी में लगभग दो गुना तक वृद्धि दर्ज की जा रही है। यह बदलाव न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रहा है, बल्कि क्षेत्र की कृषि पहचान को भी नए मुकाम पर ले जा रहा है।

बाज़ार में बढ़ी मांग, किसानों की बढ़ी कमाई

बीते कुछ वर्षों में बासमती और अन्य स्थानीय सुगंधित किस्मों की मांग तेजी से बढ़ी है। खासकर शहरी क्षेत्रों और ऑनलाइन मार्केट में इन किस्मों की ऊँची कीमत मिलने लगी है। कोरबा के कई किसान बताते हैं कि जहाँ पहले सामान्य धान का दाम लागत भर भी मुश्किल से निकाल पाता था, वहीं अब सुगंधित धान प्रति क्विंटल सैकड़ों रुपए अधिक में बिक रहा है। इससे किसानों को फसल के प्रति रुझान और आत्मविश्वास दोनों मिले हैं।

सरकारी प्रोत्साहन और प्रशिक्षण का भी हुआ असर

कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं ने भी इस सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। किसानों को बेहतर बीज, प्रशिक्षण, उर्वरक प्रबंधन और आधुनिक खेती तकनीक की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। परिणामस्वरूप किसान सुगंधित धान की खेती को वैज्ञानिक तरीकों से अपनाकर बेहतर उपज प्राप्त कर रहे हैं।

मूल्यवर्धन से खुले नए अवसर

सुगंधित धान का मूल्य केवल खेत तक सीमित नहीं है। मिलिंग, पैकिंग, ब्रांडिंग और ऑनलाइन बिक्री जैसे क्षेत्रों में भी किसानों ने कदम बढ़ाए हैं। कई किसान-समूह अब अपने उत्पाद को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने पर काम कर रहे हैं। इससे बिचौलियों की भूमिका कम हुई है और किसानों को उनकी मेहनत का पूरा दाम मिल रहा है।

चुनौतियाँ अभी बाकी,समाधान की भी जरूरत

हालाँकि इस सफलता के साथ कुछ चुनौतियाँ भी हैं। जलवायु परिवर्तन, सिंचाई की सीमित व्यवस्था, और फसल पर कीट-रोग का खतरा अभी भी चिंता का विषय बने हुए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इन चुनौतियों से निपटने के लिए सरकार और किसान मिलकर दीर्घकालिक रणनीति बनाएं तो कोरबा जल्द ही सुगंधित धान के प्रमुख उत्पादक जिलों में शामिल हो सकता है।

भविष्य की खेती का मजबूत आधार

कोरबा के किसान आज जिस साहस और नवाचार के साथ बदलाव की ओर बढ़ रहे हैं, वह निश्चित रूप से जिले की कृषि अर्थव्यवस्था को नए आयाम देगा। सुगंधित धान की खेती से बढ़ी आय यह साबित करती है कि यदि सही फसल का चयन, वैज्ञानिक पद्धति और उचित बाज़ार जुड़ाव मिले तो खेती भी एक लाभकारी व्यवसाय बन सकती है।

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