Wednesday, January 21, 2026

धान खरीदी अव्यवस्था से टूट रहा किसान, 24 घंटे में दूसरा जहर सेवन मामला

Must Read

धान खरीदी अव्यवस्था से टूट रहा किसान, 24 घंटे में दूसरा जहर सेवन मामला

नमस्ते कोरबा :- धान खरीदी में आ रही अव्यवस्था से परेशान किसानों की पीड़ा एक बार फिर सामने आ गई है। बीते 24 घंटे में यह दूसरा मामला है, जब एक किसान ने जहर सेवन कर आत्मघाती कदम उठाने की कोशिश की। समय रहते इलाज मिलने से उसकी जान बच गई, लेकिन इस घटना ने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हरदी बाजार थाना क्षेत्र के ग्राम झांझ निवासी बैसाखू गोंड़ (60 वर्ष), पिता भुरूवा गोंड़ ने आज दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे के बीच किसी कीटनाशक का सेवन कर लिया। बताया जा रहा है कि रकबा में कमी दर्शाए जाने, धान की कम पैदावार और बिक्री में आ रही दिक्कतों को लेकर वह मानसिक रूप से काफी परेशान था।

जहर सेवन के बाद बैसाखू गोंड़ स्वयं हरदीबाजार तहसील कार्यालय पहुंच गया, जहां उसने अपनी हालत की जानकारी दी। किसान की बिगड़ती स्थिति देखकर तहसील परिसर में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। इसी दौरान जनपद उपाध्यक्ष मुकेश जायसवाल वहां से गुजर रहे थे, जिन्होंने मानवीय संवेदनशीलता दिखाते हुए किसान को अपनी गाड़ी से तुरंत हरदीबाजार के सरकारी अस्पताल पहुंचाया।

इस घटना ने एक बार फिर धान खरीदी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले भी धान खरीदी में अव्यवस्था से परेशान एक किसान ने जहर सेवन कर आत्महत्या का प्रयास किया था। उस घटना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर पाली एसडीएम रोहित सिंह ने राजस्व अमले और प्रबंधकों की आपात बैठक लेकर सभी मामलों का त्वरित निराकरण करने के निर्देश दिए थे।

कलेक्टर कुणाल दुदावत ने भी सख्त रुख अपनाते हुए संबंधित हल्का पटवारी कामिनी को निलंबित कर दिया था, जबकि तहसीलदार और फड़ प्रभारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद 24 घंटे के भीतर दूसरा मामला सामने आना प्रशासनिक दावों पर सवाल खड़े करता है।

हालांकि आत्मघाती कदम किसी भी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन बार-बार सामने आ रही ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि धान खरीदी व्यवस्था में अब भी गंभीर खामियां बनी हुई हैं। किसान संगठन और ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते व्यवस्थाओं में सुधार नहीं हुआ, तो हालात और भी गंभीर हो सकते हैं। अब निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं कि क्या इन घटनाओं से सबक लेकर धान खरीदी व्यवस्था में ठोस सुधार किया जाएगा या किसान इसी तरह व्यवस्था की मार झेलते रहेंगे।

Read more :- विकसित भारत जी-राम-जी अधिनियम 2025: ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने की ऐतिहासिक पहल: धरमलाल कौशिक

रानी झरिया में वन विभाग की अनोखी पहल, स्वच्छता से संवरी पर्यटन स्थल की पहचान

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,420SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

विकास या विस्थापन? भिलाईखुर्द में सरकार की नीति पर सवाल,एसईसीएल की मनमानी पर जयसिंह अग्रवाल का हस्तक्षेप

विकास या विस्थापन? भिलाईखुर्द में सरकार की नीति पर सवाल,एसईसीएल की मनमानी पर जयसिंह अग्रवाल का हस्तक्षेप नमस्ते कोरबा :-...

More Articles Like This

- Advertisement -