घर में घुसा 15 फीट लंबा किंग कोबरा, वन विभाग की देखरेख में जितेंद्र सारथी ने किया सुरक्षित रेस्क्यू
नमस्ते कोरबा :-कोरबा जिले के मदनपुर गांव में सोमवार को उस समय सनसनी फैल गई जब एक विशालकाय किंग कोबरा अचानक स्थानीय निवासी अजय कुमार सिंदर के घर के आंगन में दिखाई दिया। करीब 15 फीट लंबे इस विषधर को देखकर ग्रामीणों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भाग खड़े हुए।
घटना की सूचना तत्काल वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी की टीम को दी गई। जानकारी मिलने पर रेस्क्यूअर जितेंद्र सारथी ने डीएफओ कुमार निशांत और एसडीओ आशीष खेलवार को अवगत कराया। उनके मार्गदर्शन में टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों को सुरक्षित दूरी पर रखते हुए तय प्रोटोकॉल के तहत रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया।
करीब डेढ़ घंटे चले इस अभियान के दौरान किंग कोबरा बार-बार फुफकारता रहा और रौद्र रूप दिखाता रहा। हालांकि धैर्य और सावधानी से काम करते हुए अंततः जितेंद्र सारथी व उनकी टीम ने सांप को सुरक्षित रूप से थैले में डालने में सफलता प्राप्त की। बाद में नियमानुसार पंचनामा तैयार कर किंग कोबरा को उसके प्राकृतिक आवास क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
इस अभियान में पासरखेत वन परिक्षेत्र अधिकारी देवदत्त खांडे, साकेत कुमार कौशिक, सिद्धांत जैन, बबलू मारुवा, कैलाश राठिया, संतोष कुमार यादव, खगेश यादव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
डीएफओ कुमार निशांत ने बताया कि किंग कोबरा, जिसे स्थानीय भाषा में पहाड़ चित्ती कहा जाता है, वन्यप्राणी (संरक्षण) अधिनियम-1972 के अंतर्गत वर्ग-I में संरक्षित है। ऐसे में इसे नुकसान पहुंचाना या मारना दंडनीय अपराध है। उन्होंने अपील की कि यदि किसी भी क्षेत्र में किंग कोबरा या अन्य विषधर दिखाई दें तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें या टोल फ्री नंबर 8817534455 पर संपर्क करें।
विशेषज्ञों के अनुसार किंग कोबरा दुनिया का सबसे लंबा विषधर सांप है जिसकी लंबाई 20 फीट से भी अधिक हो सकती है। यह मुख्य रूप से अन्य सांपों को खाकर जीवित रहता है और पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन बनाए रखता है। इसकी खासियत यह है कि मादा अपने अंडों के लिए पत्तों से घोंसला बनाती है और करीब तीन माह तक उसकी सुरक्षा करती है।
वन विभाग और नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी लगातार जनजागरूकता कार्यक्रमों व रेस्क्यू अभियानों के माध्यम से संदेश दे रहे हैं कि इंसान और सांप का सह-अस्तित्व ही संरक्षण की दिशा में सबसे बड़ी पहल है।
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