Tuesday, February 17, 2026

लापरवाह डॉक्टर व अस्पताल प्रबंधन पर कार्यवाही के लिए मोर्चा खोला विधायक ननकीराम कंवर ने

Must Read

नमस्ते कोरबा :-: अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का मामला कोसा बाड़ी स्थित गीता मेमोरियल हॉस्पिटल का है जहां पर एक पहाड़ी कोरवा जो कि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाते हैं इलाज के लिए आया हुआ था जानकारी के मुताबिक परिजनों ने बताया कि महिला के हाथ में फ्रैक्चर था क्योंकि जिला अस्पताल में सस्ता इलाज मिलता है. वे डॉक्टर से मिले लेकिन वह जिला अस्पताल में एडमिट होते इसके पहले ही एक शुभम नाम का युवक उनके संपर्क में आया, जिसने कहा कि गीता देवी मेमोरियल में अच्छा इलाज मिलेगा. 2 दिन में छुट्टी भी मिल जाएगी. इतने में गीता देवी मेमोरियल के ही दो-तीन लोग वाहन लेकर जिला अस्पताल पहुंच गए. महिला मरीज को बकायदा जिला अस्पताल से गीता देवी मेमोरियल में दोपहर के लगभग 2:00 बजे शिफ्ट कर दिया गया.

तीन दिनों तक भूखी रही महिला – परिजनों का कहना है कि मृत महिला को यहां से कुछ दलाल उन्हें बकायदा गाड़ी में बिठा कर निजी अस्पताल गीता देवी मेमोरियल ले आए. जिसके बाद अस्पताल प्रबंधन ने ऑपरेशन की बात कही लेकिन ऑपरेशन हुआ नहीं. ऑपरेशन की तिथि को लगातार आगे बढ़ाया गया. इस दरम्यां महिला को 3 दिनों तक भूखे-प्यासे रखा गया. आखिरकार शुक्रवार और शनिवार की दरम्यानी रात लगभग 1 बजे महिला ने दम तोड़ दिया.

मामले की जानकारी जब रामपुर विधायक ननकीराम कंवर को हुई तब अस्पताल पहुंचकर परिवार वालों को सांत्वना देते हुए लापरवाह अस्पताल प्रबंधन एवं डॉक्टरों के खिलाफ एफ आई आर की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए हैं एवं जिला प्रशासन के खिलाफ उनके सहयोगियों द्वारा लगातार नारेबाजी की जा रही है,

जानकारी यह भी मिली है कि कि अस्पताल के पास संचालन के लिए वैध लाइसेंस भी नहीं है फिर भी यह अस्पताल संचालित हो रहा है जिस पर ननकीराम कंवर ने प्रशासन पर तंज कसते हुए कहा कि सब दलाली प्रथा चल रही है इस कारण बिना लाइसेंस कितना बड़ा अस्पताल सुचारू रूप से संचालित है, ननकीराम कंवर ने आयुष्मान कार्ड से हो रहे इलाज मैं हेरा फेरी की जांच कराने के लिए भी प्रशासन से मांग की है,

मृतका के पति ने बयां किया दर्दमृतिका के पति सुख सिंह पहाड़ी कोरवा का अस्पताल प्रबंधन पर सीधा-सीधा आरोप है कि चिकित्सकों ने लापरवाही पूर्वक इलाज करते हुए उनके पत्नी की हत्या की है. सुखसिंह कहते हैं कि हाथ में फ्रैक्चर के इलाज के लिए बच्चों के साथ पत्नी को जिला अस्पताल भेजा गया था. यहां कुछ दलाल अच्छे इलाज की बात कहकर गीता देवी मेमोरियल अस्पताल ले गए. यहां 3 दिन तक मेरी पत्नी को भूखे-प्यासे रखा गया. यहां तक कि किसी से मिलने भी नहीं दिया गया. आखिरकार उसकी मौत हो गई. मेरे घर में खुशियां आने वाली थी. बच्चों की शादी तय कर दी गई थी. अस्पताल प्रबंधन के इस गंदे खेल ने मेरी पत्नी की जान ले ली है. मैं राष्ट्रपति का दत्तक पुत्र हूं अंत तक लडूंगा. मैं अस्पताल प्रबंधन पर ठोस कार्रवाई चाहता हूं. बिना कार्रवाई के मैं पीछे नहीं हटूंगा.

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,540SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

*पाली महोत्सव 2026 का भव्य समापन: *छत्तीसगढ़ी और बॉलीवुड सितारों ने रचा रंगारंग मंच, मंत्रमुग्ध करने वाली दी प्रस्तुतियाँ*

*पाली महोत्सव 2026 का भव्य समापन: *छत्तीसगढ़ी और बॉलीवुड सितारों ने रचा रंगारंग मंच, मंत्रमुग्ध करने वाली दी प्रस्तुतियाँ नमस्ते...

More Articles Like This

- Advertisement -