*कांग्रेस के राज में आदिवासी की आवाज अनसुनी: अजय चंद्राकर*

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पूर्व मंत्री अजय चंद्राकर ने आदिवासी समाज की आर्थिक नाकेबंदी पर कहा कि छत्तीसगढ़ में कहीं पर भी नाकेबंदी की जरूरत नहीं है, जिनको भी समस्या हो वो बातचीत से ही सुलझाने के तरीके विकसित होने चाहिए. सरकार को भी चाहिए कि आदिवासी समाज के आर्थिक नाकेबंदी के कारणों का अध्ययन करें और हल करें. लेकिन सरकार ने इस दिशा में कोई कदम नहीं उठाया, और पूरी तरह नाकाम है.

दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ में अघोषित बिजली कटौती पर भूपेश बघेल सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में सरकारी अकाल की छाया दिख रही है. बीस वर्षों में पहली बार हो रहा है कि सरकार घोषित बिजली कटौती कर रही है. इससे किसान बेहाल हैं. खेतों में धान की फसल सूखने के कगार पर है.

इस बीच, राज्य में ढाई-ढाई साल के मुख्यमंत्री की कथित चर्चा पर उन्होंने कहा कि यदि यह सत्य है तो कांग्रेस का विषय है. और यह कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व की विश्वसनीयता का सवाल है. छत्तीसगढ़ में आगामी विधानसभा चुनाव भाजपा अपनी ताकत पर लड़ेगी. कर्मचारियों की हड़ताल पर उन्होंने उल्टे सवाल किया कि सरकार से कौन सा वर्ग सन्तुष्ट है.

असल में, इस सरकार को समझ में ही नहीं आ रहा है कि वह सरकार में है या नहीं है, और उसे क्या करना चाहिए. मुझे इस सरकार का एक ही काम दिखता है कि गांवों में लोग गोबर बिन रहे हैं.

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