कोरबा में 40 साल पुराने नाले पर मिट्टी डालकर कब्जे का आरोप, कलेक्टर से शिकायत
नमस्ते कोरबा : नगर निगम के वार्ड क्रमांक 28 स्थित कुंआभट्ठा में बालाजी मंदिर के पास लगभग 40 वर्षों से बह रहे नाले को मिट्टी डालकर बंद किए जाने का मामला सामने आया है। इससे क्षेत्र में जलभराव और बारिश के दौरान बाढ़ जैसी स्थिति बनने की आशंका जताई गई है। वार्ड पार्षद सिमरनजीत कौर ने इस संबंध में कलेक्टर को जनदर्शन में आवेदन सौंपकर नाले को अवरुद्ध करने के मामले की जांच और संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पार्षद के अनुसार इस मामले में 20 जुलाई 2026 को भी जनदर्शन में शिकायत की गई थी। इसके बाद संबंधित अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नाले को बंद करने का कार्य रुकवाया था। हालांकि, आरोप है कि इसके बावजूद रात के समय दोबारा मिट्टी डालकर नाले को पाट दिया गया। इससे पानी की निकासी बाधित हो गई है और आसपास के रहवासियों की परेशानी बढ़ने की आशंका है।
बारिश में बढ़ सकता है खतरा
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि उक्त नाले से लंबे समय से पानी की निकासी होती रही है। नाला बंद होने से बरसात के मौसम में बस्ती में पानी भरने और घरों को नुकसान पहुंचने का खतरा है। पार्षद ने आशंका जताई है कि जल निकासी बाधित होने से लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
शासकीय जमीन पर निजी स्वामित्व का दावा?
पार्षद ने मामले में एक और गंभीर सवाल उठाते हुए नाले के पीछे स्थित भूमि के स्वामित्व की जांच कराने की मांग की है। आवेदन में कहा गया है कि संबंधित क्षेत्र की भूमि के राजस्व अभिलेख, सीमांकन, नामांतरण और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल की जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि भूमि का स्वरूप किस आधार पर बदला गया और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
पार्षद ने कलेक्टर से राजस्व विभाग सहित संबंधित अधिकारियों की संयुक्त टीम से निष्पक्ष जांच कराने तथा जांच पूरी होने तक नाले को पाटने या वहां निर्माण कार्य कराने पर रोक लगाने का आग्रह किया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है और वर्षों पुरानी जल निकासी व्यवस्था को बहाल कराने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।
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