नेता नहीं, ‘सर’ बनकर स्कूल पहुंचे सभापति… बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाया, अब हर पढ़े-लिखे व्यक्ति से मांगा एक घंटा

Must Read

नेता नहीं, ‘सर’ बनकर स्कूल पहुंचे सभापति… बच्चों के बीच बैठकर पढ़ाया, अब हर पढ़े-लिखे व्यक्ति से मांगा एक घंटा

नमस्ते कोरबा। सरकारी स्कूलों में सिर्फ व्यवस्था सुधारने की बातें बहुत होती हैं लेकिन शनिवार को सीतामणी के शासकीय माध्यमिक स्कूल में एक अलग तस्वीर नजर आई। नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर यहां निरीक्षण करने नहीं बल्कि ‘सर’ बनकर बच्चों को पढ़ाने पहुंचे। इसी के साथ उन्होंने ‘सभापति की पाठशाला’ अभियान की शुरुआत की।

कक्षा में पहुंचते ही सभापति ने बच्चों के बीच बैठकर सामान्य ज्ञान, अंग्रेजी और गणित के सवाल-जवाब किए। पढ़ाई के बीच बच्चों से खेल, कला, नैतिक शिक्षा और व्यक्तित्व विकास पर भी बातचीत हुई। सवाल पूछे गए तो बच्चों ने भी उत्साह के साथ जवाब दिए। सही जवाब देने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों सौम्य श्रीवास, खेमराज दास, प्रभा सारथी, यक्ष कर्ष और अंकुशा तांती को पुरस्कृत किया गया।

सिर्फ सभापति नहीं, पार्षद भी बने ‘गेस्ट टीचर’

इस पहल में एमआईसी सदस्य उर्वशी राठौर, पार्षद राधा बाई और रुबिदेवी सागर भी बच्चों के बीच पहुंचीं। उन्होंने सामान्य ज्ञान, खेल और कला से जुड़े विषयों पर विद्यार्थियों से संवाद किया। यानी पाठशाला में उस दिन कुर्सी-मेज से ज्यादा संवाद और सहभागिता नजर आई।

एक-दो घंटे का समय… किसी बच्चे की पूरी जिंदगी बदल सकता है

सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने कहा कि समाज के हर शिक्षित व्यक्ति को सप्ताह में कम से कम एक-दो दिन अपने आसपास के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच समय देना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी बच्चे को गणित समझाने, अंग्रेजी पढ़ाने, सामान्य ज्ञान बताने या उसके भीतर आत्मविश्वास पैदा करने के लिए बहुत बड़े संसाधन नहीं, बस थोड़ा समय और संवेदनशीलता चाहिए।

कक्षा में पढ़ाई, बाहर समस्याओं की पड़ताल

अभियान के दौरान स्कूल की व्यवस्थाओं और समस्याओं की जानकारी भी ली गई। सामने आई समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए जाने की बात कही गई। शाला विकास समिति अध्यक्ष प्रमिला सागर, पार्षदों और स्कूल के शिक्षकों ने ‘सभापति की पाठशाला’ को शिक्षा के साथ सामाजिक भागीदारी बढ़ाने वाली पहल बताया।

अब असली परीक्षा अभियान की निरंतरता की है। अगर ‘सभापति की पाठशाला’ सिर्फ एक दिन का आयोजन न रहकर हर सप्ताह अलग-अलग सरकारी स्कूलों में पहुंचने वाली मुहिम बनती है, तो यह पहल सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए पढ़ाई से कहीं ज्यादा समाज के भरोसे और साथ का पाठ बन सकती है।

Read more :- ट्रेलरों ने थामा कोरबा-चांपा मार्ग,जाम में फंसे पूर्व मंत्री जयसिंह ने पूछा शहर रेंग रहा है,विधायक देवांगन जी कब होगा इस समस्या का समाधान

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,770SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

ट्रेलरों ने थामा कोरबा-चांपा मार्ग,जाम में फंसे पूर्व मंत्री जयसिंह ने पूछा शहर रेंग रहा है,विधायक देवांगन जी कब होगा इस समस्या का समाधान

ट्रेलरों ने थामा कोरबा-चांपा मार्ग,जाम में फंसे पूर्व मंत्री जयसिंह ने पूछा शहर रेंग रहा है,विधायक देवांगन जी कब...

More Articles Like This

- Advertisement -