गर्मी शुरू होते ही बढ़ने लगे अग्नि हादसे, घटनास्थल तक दमकल पहुंचने में देरी से बढ़ रहा नुकसान; शहर के भीतर त्वरित व्यवस्था की उठ रही मांग।

Must Read

गर्मी शुरू होते ही बढ़ने लगे अग्नि हादसे, घटनास्थल तक दमकल पहुंचने में देरी से बढ़ रहा नुकसान; शहर के भीतर त्वरित व्यवस्था की उठ रही मांग।

नमस्ते कोरबा :- गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगती हैं और इसके साथ ही शहरों की आपात व्यवस्था की वास्तविक स्थिति भी सामने आने लगती है। कोरबा शहर में हाल ही में घटित दो घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या शहर के भीतर आग जैसी आपदा से निपटने के लिए पर्याप्त और त्वरित व्यवस्था मौजूद है?

सोमवार को एक ओर जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल परिसर के पीछे आग लगने से लंबे समय से खड़े छह कंडम वाहन जलकर खाक हो गए, वहीं दोपहर लगभग तीन बजे पुराना कोरबा से गुजरने वाले ओवरब्रिज पर अग्रसेन चौक के ऊपर चलती बोलेरो में अचानक आग लग गई।

इन दोनों घटनाओं ने शहरवासियों के मन में चिंता पैदा कर दी है। आग की घटनाएं अचानक होती हैं और कुछ ही मिनटों में विकराल रूप ले सकती हैं। ऐसे में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका समय पर पहुंचने वाली दमकल सेवा की होती है।

लेकिन शहर के भीतर दमकल वाहनों के पहुंचने में होने वाली देरी अक्सर नुकसान को बढ़ा देती है। वर्तमान व्यवस्था के अनुसार नगर निगम या सीएसईबी के दमकल वाहन लगभग दो किलोमीटर या उससे अधिक दूरी तय कर व्यस्त मार्गों से गुजरते हुए घटनास्थल तक पहुंचते हैं।

ट्रैफिक और अन्य बाधाओं के कारण इस दूरी को तय करने में लगने वाला समय कई बार आग को फैलने का अवसर दे देता है। जब तक दमकल वाहन पहुंचती है, तब तक काफी नुकसान हो चुका होता है और आसपास के लोगों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ जाती है।

इससे पहले भी 26 दिसंबर 2025 को पावर हाउस रोड स्थित एसएस प्लाजा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में सुबह लगभग छह बजे कथित शॉर्ट सर्किट से भीषण आग लगने की घटना सामने आई थी। उस समय दुकान संचालिका ने आरोप लगाया था कि सूचना देने के बावजूद दमकल वाहन करीब आधे घंटे बाद पहुंची, जिसके कारण आग पर काबू पाने में देर हुई और नुकसान बढ़ गया। शहर के पुराने हिस्से और पावर हाउस रोड क्षेत्र में पूर्व में भी कई प्रतिष्ठान आग की चपेट में आ चुके हैं, जहां दमकल के पहुंचने में लगने वाले समय को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

इन घटनाओं के बाद यह मांग अब और मजबूत होती जा रही है कि शहर के भीतर कम से कम एक दमकल वाहन हमेशा आपात स्थिति के लिए तैनात रखा जाए। यदि शहर के बीचों-बीच एक दमकल केंद्र या स्टैंडबाय वाहन उपलब्ध हो तो वह शुरुआती कुछ मिनटों में आग पर नियंत्रण पाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इससे न केवल नुकसान कम होगा बल्कि लोगों में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ेगा।

नगर निगम और जिला प्रशासन को इस विषय पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। तेजी से फैलते शहर और बढ़ती आबादी के बीच आपात सेवाओं को भी उतना ही सशक्त और सुलभ बनाना जरूरी है। आग की घटनाएं केवल संपत्ति का नुकसान ही नहीं करतीं, बल्कि कई बार जान का भी खतरा पैदा कर देती हैं।

इसलिए समय की मांग यही है कि शहर की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दमकल व्यवस्था को और मजबूत किया जाए और शहर के भीतर एक स्थायी या त्वरित दमकल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इससे भविष्य में होने वाली संभावित दुर्घटनाओं में नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है और नागरिकों को सुरक्षा का भरोसा मिल सकेगा।

Read more :- कोरबा के इस मंदिर में दिखता है ‘चमत्कार’,संगमरमर पर बाबा श्याम की स्वयंभू छवि से बढ़ी श्रद्धा

Sunday special : कोरबा का एक ऐसा गांव जहां अब भी चहकती है गौरैया…ग्रामीणों के प्रयास से बची नन्ही चिड़िया की दुनिया: 

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,570SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

श्रीमती बृज लांबा का निधन,अंतिम संस्कार आज शाम 5:00 बजे रामसागर पारा मुक्तिधाम में

 श्रीमती बृज लांबा का निधन,अंतिम संस्कार आज शाम 5:00 बजे रामसागर पारा मुक्तिधाम में नमस्ते कोरबा : वरिष्ठ कांग्रेस नेता...

More Articles Like This

- Advertisement -