“पट्टा वाले भैया” जय सिंह अग्रवाल : सेवा, संघर्ष और समर्पण का पर्याय
नमस्ते कोरबा : राजनीति में अनेक चेहरे समय के साथ बदल जाते हैं, लेकिन कुछ व्यक्तित्व ऐसे होते हैं जिनकी पहचान समय के साथ और अधिक सशक्त होती जाती है। कोरबा का 15 वर्षों तक प्रतिनिधित्व करने वाले पूर्व राजस्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल आज भी उसी आत्मीयता, सादगी और जनसमर्पण के साथ जनता के बीच सक्रिय हैं, जैसे अपने कार्यकाल के दौरान थे।

कोरबा के गरीब, पिछड़े और कमजोर वर्ग के लिए “जयसिंह भैया” केवल एक जनप्रतिनिधि नहीं, बल्कि संकट की घड़ी में साथ खड़े रहने वाले संरक्षक की तरह हैं। शहर के 67 वार्डों में आज भी लोग उन्हें स्नेहपूर्वक “पट्टा वाले भैया” कहकर याद करते हैं। उनके कार्यकाल में झुग्गी-झोपड़ी में जीवन यापन कर रहे हजारों परिवारों को जमीन का पट्टा मिला वर्षों से अस्थायित्व झेल रहे लोगों को अधिकार, सम्मान और सुरक्षित भविष्य मिला। यही उपलब्धि उनकी जनसेवा की सबसे मजबूत पहचान बन गई।

राजनीति में भले ही आज वे सत्ता पक्ष में न हों, लेकिन जनता के सुख-दुख में सहभागी बनना उनकी प्राथमिकता आज भी उतनी ही दृढ़ है। अस्पताल हो या कलेक्ट्रेट, गांव की चौपाल हो या शहर के वार्ड, अथवा मंत्रालय के गलियारे हर स्तर पर समस्याओं को सुनना, सीधे संवाद स्थापित करना और समाधान की ठोस पहल करना उनकी कार्यशैली की विशेषता रही है।

उनकी सहज उपलब्धता, संवेदनशीलता और निरंतर जनसंपर्क ने उन्हें जनता के और भी करीब ला दिया है। कोरबा की जनता उन्हें केवल नेता के रूप में नहीं, बल्कि अपने परिवार के सदस्य के रूप में देखती और सम्मान देती है।
जन्मदिन के इस पावन अवसर पर वे अपने दिन की शुरुआत मां सर्वमंगला मंदिर में पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करने से करेंगे। तत्पश्चात प्रशांति वृद्धाश्रम पहुंचकर वहां निवासरत बुजुर्गजनों का सम्मान कर उनका आशीर्वाद लेंगे। इसके बाद कालीबाड़ी काली माता मंदिर में दर्शन कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
P

अंत में अपने निज निवास स्वर्ण सिटी में स्नेहीजनों, समर्थकों और क्षेत्रवासियों के साथ सादगीपूर्ण वातावरण में जन्मदिन मनाएंगे। यह दिन उनके लिए सेवा, आशीर्वाद और जनसंपर्क का विशेष अवसर रहेगा।
राजनीतिक उतार-चढ़ाव के बीच भी जय सिंह अग्रवाल ने जनता से दूरी नहीं बनाई। जनविश्वास, निरंतर संवाद और हर वर्ग के लिए उपलब्ध रहने की उनकी शैली ने उन्हें कोरबा की राजनीति में विशिष्ट स्थान दिलाया है।
जन्मदिन के इस विशेष अवसर पर एक बार फिर यह स्पष्ट है कि जनसेवा का रिश्ता केवल पद से नहीं, बल्कि विश्वास, संवेदनशीलता और समर्पण से बनता है,और यही अटूट विश्वास आज भी कोरबा की जनता के दिलों में “पट्टा वाले भैया” के प्रति मजबूती से कायम है।










