एक कॉल और बच गई जान, फल ठेले पर मिले जख्मी उल्लू का रेस्क्यू
नमस्ते कोरबा :- शहर के व्यस्ततम इलाके ट्रांसपोर्ट नगर स्थित नए बस स्टैंड में शनिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक जख्मी उल्लू अचानक एक फल ठेले पर जा बैठा। राहगीरों और दुकानदारों ने जब घायल अवस्था में उल्लू को देखा तो न केवल हैरान रह गए, बल्कि उसकी सुरक्षा को लेकर भी चिंतित हो उठे। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए जागरूक लोगों ने तत्काल वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम के अध्यक्ष जितेंद्र सारथी को सूचना दी।
सूचना मिलते ही जितेंद्र सारथी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूरी सावधानी व सतर्कता के साथ घायल उल्लू का सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्राथमिक उपचार के बाद उल्लू को सुरक्षित स्थान पर रखा गया है, जहां उसके पूर्ण स्वस्थ होने तक देखरेख और उपचार की व्यवस्था की जा रही है।
रेस्क्यू के दौरान जितेंद्र सारथी ने उल्लू के पर्यावरणीय महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उल्लू खेतों और रिहायशी इलाकों में चूहों की संख्या को नियंत्रित कर फसलों की रक्षा करता है। यह प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि उल्लू को नुकसान पहुंचाना न केवल वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत अपराध है, बल्कि पर्यावरण के लिए भी गंभीर खतरा है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि किसी भी घायल या भटके हुए वन्यजीव को देखकर उसे नुकसान न पहुंचाएं, बल्कि तुरंत वन विभाग या वाइल्डलाइफ रेस्क्यू टीम को सूचना दें। इसके लिए टीम के हेल्पलाइन नंबर 8817534455 एवं 7999622151 पर संपर्क किया जा सकता है।
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जागरूकता और समय पर की गई सूचना से न केवल वन्यजीवों की जान बचाई जा सकती है, बल्कि प्रकृति के संतुलन की रक्षा में भी आम नागरिक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
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