सरगुजा में कोल खदान विवाद भड़का: ग्रामीणों और पुलिस में भिड़ंत, 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हालात तनावपूर्ण
नमस्ते कोरबा : सरगुजा जिले में बुधवार को अमेरा ओपनकास्ट कोल माइंस के विस्तार को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। परसोढ़ी गांव के ग्रामीणों और पुलिसकर्मियों के बीच जमकर झड़प हुई, जिसमें एएसपी और थाना प्रभारी सहित 25 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। कई ग्रामीणों को भी चोटें आई हैं। पुलिस को हालात काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
SECL की अमेरा कोल खदान के विस्तार के लिए परसोढ़ी गांव की जमीनें वर्ष 2001 में अधिग्रहित की गई थीं। लेकिन ग्रामीण इस अधिग्रहण को अवैध बताते हुए खदान विस्तार का लगातार विरोध कर रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि 23 वर्षों बाद भी सिर्फ 19 फीसदी किसानों को मुआवजा मिला है, और नौकरी देने का वादा भी पूरा नहीं किया गया है।
बुधवार सुबह प्रशासनिक अधिकारियों की टीम करीब 500 पुलिस बल के साथ जमीन पर कब्जा दिलाने पहुंची। पुलिसबल को देखते ही ग्रामीण आक्रोशित हो उठे और पत्थरों व गुलेल से हमला कर दिया। पुलिसकर्मियों के अनुसार, समझाइश देने के बाद भी भीड़ शांत नहीं हुई, जिससे मजबूरन आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने पहले बल प्रयोग किया, जबकि पुलिस का दावा है कि पथराव दोनों तरफ से किया गया। थाना प्रभारी को गंभीर चोट आने के बाद उन्हें अंबिकापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव की स्थिति है। लखनपुर थाना क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। प्रशासन का कहना है कि भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया वर्ष 2001 में ही पूरी हो चुकी थी और किसान अब भी जमीन पर कब्जा किए हुए हैं, जबकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उचित मुआवजा और नौकरी नहीं मिलेगी, वे जमीन नहीं सौंपेंगे।
सरगुजा में कोल खदानों को लेकर यह विवाद एक बार फिर स्थानीय प्रशासन और ग्रामीणों के बीच विश्वास की खाई को उजागर करता है। हालात अभी भी संवेदनशील बने हुए हैं।







