नगाड़ों पर पड़ी महंगाई की मार,होली के दौरान अब बहुत कम सुनाई देती नगाड़ों की थाप

Must Read

नगाड़ों पर पड़ी महंगाई की मार,होली के दौरान अब बहुत कम सुनाई देती नगाड़ों की थाप

नमस्ते कोरबा :- रंगों का पर्व होली को लेकर शहर में नगाड़ा की दुकानें सज गई है, लेकिन आशानुरूप बिक्री नहीं होने से विक्रेता निराश हैं। त्योहार के एक-दो दिन पहले बाजार में रौनक दिखाई देती है। पहले पखवाड़ेभर पहले से नगाड़े की बिक्री शुरू हो जाती थी। लेकिन आजकल ऐसा नहीं है। नगाड़ा विक्रेकता इन दिनों ग्राहकों का इंतजार कर रहे हैं।

रंगों का पर्व होली इस साल 14 मार्च को मनाया जाएगा। पर्व में नगाड़ा का विशेष महत्व रहता है। इसलिए इसकी मांग पर्व में खूब रहती है। होली को ध्यान में रख शहर में नगाड़ा की दुकानें सज गई है। नगाड़ा विक्रेता ने बताया कि नगाड़ा पहले शहर एवं आसपास के गांव में बनता था, जो कि पिछले कुछ साल से बंद हो गया है। इसलिए नगाड़ा उन्हें बाहर से थोक में लाना पड़ता है। इसे वे फुटकर में बेचते है।

नगाड़ा बनाने में उपयोगी सामाग्रियों के दाम बढ़ने एवं ट्रासपोर्टिंग चार्ज लगने से इस बार इसमें भी महंगाई की मार है। फूल साइज नगाड़ा तीन हजार, मीडियम साइज दो हजार में बिक रहा है। विभिन्न छोटे साइज के नगाड़ा सौ रुपये से लेकर पांच सौ रुपये तक है।

फाग गीत एवं नगाड़ा के थाप पर थिरकन से अलग ही अनुभूति होती है। इसलिए आज भी नगाड़ा का चलन है। नगाड़े की थाप के बिना होली अधूरी है। भागदौड़ भरे जिंदगी के चलते अब यह घटकर मात्र तीन से चार दिन का ही रह गया है। एक जमाने में होली के पखवाड़े एवं माह भर पूर्व नगाड़ा बजना शुरू हो जाता था।

Read more:- भौकाल दिखाने के लिए वाहन में ब्लैक फिल्म और पुलिस हूटर लगाकर घूम रहे एक युवक को पुलिस ने सिखाया सबक

कोरबा के इस गांव में पुरानी धारणा के चलते पिछले  150 साल से नहीं मनी होली,क्या है वजह देखें इस खास खबर में 

- Advertisement -

सब्सक्राइब करें नमस्ते कोरबा न्यूज़ YOUTUBE चैनल

5,920SubscribersSubscribe
- Advertisement -
Latest News

कलेक्टर ने शिक्षक बनकर बच्चों की ली कक्षा, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर किया संवाद,तरदा और सराईसिंगार के प्राथमिक शालाओं का किया निरीक्षण

कलेक्टर ने शिक्षक बनकर बच्चों की ली कक्षा, पढ़ाई और स्कूल की सुविधाओं पर किया संवाद,तरदा और सराईसिंगार के...

More Articles Like This

- Advertisement -