नमस्ते कोरबा :- भाजपा शासन काल में निर्मित कोरबा में बुधवारी बाजार के निकट 70 लाख की लागत से बना फुट ओवर ब्रिज उपयोगहीन साबित हो रहा है।
बाजार में लग रही अवैध पार्किंग की समस्या से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन सरकार ने इसका निर्माण किया गया था, जिससे जैन मंदिर के पीछे मैदान में वाहनों को खड़ा कर लोग ओवर ब्रिज से बाजार तक पहुंच सकें। सत्ता बदली,सरकार बदली, जिम्मेदार पदों पर बैठे अधिकारी भी बदले लेकिन किसी ने भी इस ओवर ब्रिज पर ध्यान नहीं दिया,पुल बनने के बाद भी लोग बाजार में वाहन पार्किंग कर रहे हैं, जिससे मुख्य मार्ग में आवागमन बाधित रहता है।
दैनिक सामानों की खरीदी के लिए यहां हर रोज भीड़ लगी रहती है। बाजार के साथ सबसे बड़ी सब्जी मंडी होने के कारण,बड़ी वाहनों के साथ यहां छोटे वाहनों की रोज अवैध तरीके से पार्किंग लगती है।
इससे मुख्य मार्ग में वाहनों के आवागमन में असुविधा होने के साथ, आए दिन छोटी बड़ी दुर्घटनाएं होते रहती हैं।
इस समस्या से मुक्ति के लिए निगम प्रशासन ने फुट ओवर ब्रिज का निर्माण तो कराया है, लेकिन इसकी सही उपयोगिता साबित नहीं हो रही है। वाहनों को बाजार के दूसरे छोर में रखकर फुट ओवर ब्रिज से बाजार आने के लिए सुरक्षित उपयोग करने के बजाय लोग सड़क किनारे ही वाहन खड़ा कर रहे हैं।
फुट ओवर ब्रिज के उपयोग कराने की जिम्मेदारी यातायात विभाग की है,
लेकिन अमल नहीं कराए जाने के कारण 70 लाख का फुट ओवर ब्रिज उपयोग हीन साबित हो रहा है।
नगर निगम और यातायात विभाग कड़ाई से लोगों को अगर इस फुट ओवर ब्रिज के उपयोग करने के लिए समझाएं दे तो इसका सार्थक उपयोग हो सकता है,









