नमस्ते कोरबा :-: नगर निगम की लाख कोशिशों के बावजूद फुटपाथ पर दुकान लगाने वाले नहीं सुधर रहे है,प्रबल इच्छा शक्ति और साहस होने पर आप कुछ भी कर सकते हैं। कोरबा के मामले में यह सब बिल्कुल आसान हो गया है। यत्र तत्र सर्वत्र बेजा कब्जा जारी है। और तो और,लोगों के पैदल चलने के लिए बनाए गए फुटपाथ एक तरह से बेच दिए गए हैं। दुकानदारी करने वाले लोगों ने जिस अंदाज में बताया उससे पता चलता है कि इन्हें नगर निगम के कर्मचारियों से किसी प्रकार का भय नहीं है और उनके साथ मिलकर कुछ भी किया जा सकता है।
पिछले दिनों नगर निगम के द्वारा अभियान चला कर मनमाने तरीके से साकेत भवन से घंटा घर चौक तक फुटपाथ पर सामान बेचने वालों पर कार्रवाई की गई थी और दोबारा के लिए चेतावनी दी गई थी। कुछ दिन सड़कों के आसपास सुधार दिखा लेकिन अब फिर से स्थिति जस की तस हो गई है। नियम तोड़ने वाले बताते हैं कि मजबूरीबस यह सब करना पड़ता है।
सब्जी भाजी की दुकानों का भी यही हाल है। सरकारी गर्ल्स कॉलेज के सामने मनमाने तरीके से दुकानदारी करने वाले बिल्कुल सहज है। यह दावा करते हैं कि कई साल से यहां पर काम किया जा रहा है और अब कोई दिक्कत नहीं है,
महाराणा प्रताप प्रतिमा तिराहे के पास बड़ी संख्या में सरकारी जमीन को घेरकर दुकानदारी चल रही है। सबसे दिलचस्प बात यह है कि यहां के लोगों को इस बात की गलतफहमी हो गई है कि यह जमीन उन्हीं की हो गई है। ओपन थिएटर के आसपास नगर निगम के द्वारा बनाए गए फुटपाथ तो एक तरह से हड़प लिया गया है और पैदल चलने वालों का अधिकार छीन लिया गया है। जबकि मोबाइल एसेसरीज बेचने वाले बताते हैं कि यहां पर काम करने में तो कोई दिक्कत नहीं होतीसबसे आश्चर्यजनक बात यह है कि नगर पालिक निगम शहर को सुंदर दिखाने के लिए जी तोड़ कोशिश कर रहा है। पिछले दिनों नगर निगम के आयुक्त प्रभाकर पांडे ने अपने अन्य अधिकारियों के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया था और इस बात पर जोर दिया था कि ब्यूटीफिकेशन पॉइंट को बेहतर करने के साथ दूसरी खराबी को दूर किया जाएगा। इस स्थिति में शहर के फुटपाथ के आसपास की तस्वीर आखिर अधिकारियों की नजर में कैसे नहीं आ सकी। जिस तरह के दावे इस इलाके के कारोबारी पूरी मुखरता के साथ कर रहे हैं कम से कम उस पर निगम के अधिकारियों को ध्यान देना चाहिए।
नगर निगम कॉलोनी में रोड के किनारे लग रही दुकाने
आश्चर्यजनक बात यह है कि नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता शहर में बेजा कब्जा हटाने में व्यस्त है लेकिन नगर निगम कॉलोनी के सड़क पर दोनों और दुकाने बहुतायत मात्रा में संचालित हो रहे हैं जो इन्हें नजर नहीं आ रही है, इन पर किसी भी प्रकार की कार्यवाही ना करना संदेह के दायरे में आता है. वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद पति ने बताया कि कई बार इस ओर निगम के अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट कराया गया है पर इन दुकानों पर कार्यवाही करने से अतिक्रमण अधिकारी बचते दिखते हैं,









