नमस्ते कोरबा ::राजस्व मंत्री ने कहा कोरबा में कोविड संक्रमित मरीजों को स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने धन की कमी नही होगी
ऽ कोरबा के स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के माध्यम सेें जिले में कोरोना की वर्तमान स्थिति की ली जानकारी।
ऽ कोरोना के बढ़ते मरीजों की संख्या को देखते हुए स्याहीमुड़ी स्थित सीपेट भवन में 885, बिस्तरों की व्यवस्था की गई है।
ऽ कोरबा जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग पूरी मुस्तैदी से इस संक्रमण काल में कर्तव्य पथ पर डटे।
ऽ सीपेट में बुधवार तक 250 बिस्तरों को युद्ध स्तर पर पाईप लाईन के माध्यम से ऑक्सीजन युक्त किए जाने अधिकारियों को किया निर्देशित।
ऽ कोरबा के हालात् को देखते हुए 40 नग एनआईव्ही और 10 नग वेंटीलेटर की तत्काल व्यवस्था करने राजस्व मंत्री ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य अधिकारियों को दिए निर्देश।
ऽ कोरबा जिला अस्पताल के लिए एक नग सी.टी. स्कैन मशीन की खरीदी करने का लिया निर्णय।
ऽ रेमडेसिविर इंजेक्शन आवश्यकतानुसार उपलब्ध कराने स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव एवं जांजगीर-चांपा व बिलासपुर कलेक्टर से किया बात ।
ऽ स्वास्थ्य संबंधी उपर्युक्त व्यवस्थाओं के लिए विधायक निधि और जिला खनिज न्यास मद से की जाएगी धन की व्यवस्था।

राजस्व मंत्री को जानकारी देते हुए अनुविभागीय दण्डाधिकारी सुनील नायक ने बताया कि कोरबा जिला प्रशासन के पास वर्तमान में मात्र 22 रेमडेसिविर इंजेक्शन की उपलब्धता है जबकि मरीजों की संख्या को देखते हुए हमें इसके लिए पहले से तैयार रहने की आवश्यकता है। उन्होने बताया कि जांजगीर-चांपा अथवा बिलासपुर में इंजेक्शन के पर्याप्त स्टाॅक हैं और उनके यहां अपेक्षाकृत खपत कम है। रेमडेसिविर इंजेक्शन की तत्काल उपलब्धता के लिए राजस्व मंत्री ने कलेक्टर जांजगीर-चांपा और कलेक्टर बिलासपुर से बात कर उनके यहां उपलब्ध स्टाॅक मे से तत्काल कोरबा को आपात स्थिति से निपटने के लिए रेमडेसिविर इंजेक्शन उपलब्ध कराने निदेर्शित किया। इस संबंध में मंत्री अग्रवाल ने प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री टी.एस. सिंहदेव से भी बात की। स्वास्थ्य मंत्री ने इस दिशा में तत्काल कार्यवाही करवाने का आश्वासन दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने जानकारी दी कि रेमडेसिविर इंजेक्शन की निर्वाध आपूर्ति करने के उपाय सरकार द्वारा किए जा रहे हैं और शीघ्र ही यह सुलभ हो सकेगा।

राजस्व मंत्री द्वारा जिले के विभिन्न अस्पतालों में ऑक्सीजन की उपलब्धता की जानकारी चाहे जाने पर अनुविभागीय दण्डाधिकारी सुनील नायक ने बताया कि कोरबा में 3 ऑक्सीजन संयंत्र संचालित हैं जो पहले औद्योगिक ऑक्सीजन की आपूर्ति करते थे लेकिन जिला प्रशासन की पहल पर उन संयंत्रों ने मेडिकल ऑक्सीजन की आपूर्ति करना आरंभ कर दिया है। अपनी बात जारी रखते हुए सुनील नायक ने बताया कि इन संयंत्रों की क्षमता 15 घंटे में 1800 सिलेंडर की क्षमता है जबकि वर्तमान में कोरबा में 925 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत है।
डाॅ. बोर्डे ने राजस्व मंत्री को अवगत कराया कि स्याहीमुड़ी स्थित सीपेट में उपलब्ध बिस्तरों में से 250 बिस्तरों को पाईपलाईन युक्त आक्सीजन सपोर्ट वाले बिस्तरों में बदलने की योजना है। इस संबंध में रजस्व मंत्री ने स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि तत्काल इस सुविधा को उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करें। डाॅ. बोर्डे ने बताया कि यह कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है और बुधवार तक पूरा कर लिया जाएगा।
राजस्व मंत्री द्वारा मोहल्ला क्लीनिक के संचालन हेतु स्वास्थ्य कर्मियों के संबंध में चाही गई जानकारी पर बताया गया कि कोरबा शहरी क्षेत्र के लिए मोहल्ला क्लीनिक के सुचारू संचालन के लिए डीएमएफ मद से 48 स्वास्थ्य कर्मियों का चयन किया गया है। वर्तमान समय में कोविड संक्रमण के मद्देनजर मंत्री श्री अग्रवाल ने स्वास्थ्य व्यवस्था को चुस्त दुरूस्त करने के लिए इन स्वास्थ्य कर्मियों को एक सप्ताह के भीतर कार्यभार ग्रहण कराने हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जिला अस्पताल के विभिन्न विभागों में राज्य आपदा मोचन कोष से 54 स्वास्थ्य कर्मियों के चयनित होने की जानकारी दी गई।
राजस्व मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कोरबा एक औद्योगिक नगरी होने के कारण विभिन्न उपनगरीय क्षेत्रों व उनकी कालोनियों के निकट बसाहट वाली बस्तियों में संक्रमण का प्रसार रोकने के लिए युद्ध स्तर पर रणनीति बनाकर कार्य करने की आवश्यकता है। मंत्री अग्रवाल ने वर्तमान समय में कोरोना संक्रमित मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने और यथावश्यकता गंभीर और अतिगंभीर प्रकृति के मरीजों को समुचित स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए तैयार रहने की दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता पर जोर दिया। राजस्व मंत्री ने कहा कि आवश्यकतानुसार विभिन्न स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उनके स्वयं के विधायक निधि और डीएमएफ कोष से धन उपलब्ध कराया जाएगा। जयसिंह अग्रवाल ने इस बात पर विशेष बल देते हुए कहा कि उनका प्रयास है कि स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव में किसी भी मरीज को अन्यत्र भटकना न पड़े। इस दिशा में उन्होंने प्रशासनिक अधिकारियों और जिला स्वास्थ्य विभाग को निर्देशित करते हुए कहा कि तत्काल प्रभाव से 10 नग वेंटिलेटर और 25 नग एन.आईवी की व्यवस्था की जाए। राजस्व मंत्री का यह प्रयास है कि इन सुविधाओं के अभाव में किसी मरीज को दम न तोड़ना पड़े। मंत्री श्री अग्रवाल ने अधिकारियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि वे सब मिलकर इस संक्रमण काल में मरीजों और व्यवस्था की देखभाल में पूरी निष्ठा से लगे हैं और विश्वास है कि आगे भी सेवा भावना की नई मिसाल कायम करेंगे।
उपर्युक्त बैठक में नगर पालिक निगम के महापौर राजकिशोर प्रसाद, आयुक्त नगर पालिक निगम कोरबा व प्रभारी अतिरिक्त कलेक्टर एस. जयवर्धन, अपर आयुक्त अशोक शर्मा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डाॅ. बी.बी. बोर्डे, अनुविभागीय दण्डाधिकारी सुनील नायक, डिप्टी कलेक्टर आशीष देवांगन, डाॅ. कुमार पूष्पेन्द्र, स्वास्थ्य विभाग के सिटी परियोजना प्रबंधक अशोक सिंह, स्वरूप धारा उपस्थित रहे।









