नमस्ते कोरबा :-: शहर समेत आसपास के ग्रामीण इलाके में बीते कई वर्षों से आरओ फिल्टर पानी के नाम पर लोगों को जमकर बेवकूफ बनाया जा रहा है तथा उनसे रुपए ऐठे जा रहे हैं।खुलेआम बिक रहे लोकल ब्रांड के पानी पाउच तथा बोतलबंद पानी में न तो शुद्धता का कोई पैमाना तय किया जाता है और न ही पैकिंग की कोई तिथि निर्धारित लिखी होती है। इसके चलते महीनों पहले से पैक पानी की बिक्री होती रहती है। खुलेआम बिक रहे इस तरह के पानी पाउच तथा बोतलबंद पानी की न तो कभी जांच की जाती है और ना ही इनके निर्माताओं पर कार्रवाई ही होती है। विदित हो कि 4-5 वर्ष पूर्व तक जिले में राष्ट्रीय स्तर के कुछ ही ब्रांड के पानी पाउच तथा बोतल मिलती थी जो अब धीरे-धीरे कम हो गई है। बीते तीन-चार सालों में लोकल ब्रांड के पानी पाउच की बाढ़ सी आ गयी है।खुलेआम बिक रहे ये पानी पाउच सीधे-सीधे बीमारियों का घर हैं। पानी पाउच में इतनी अशुद्धियां होती हैं कि ये हैजा, पीलिया जैसी दर्जनों बीमारियों का कारण बनते हैं।

व्यापारी से खरीदने के बाद स्थानीय रिटेलर द्वारा भी इनके रखरखाव को लेकर सावधानी नहीं बरती जाती तथा पानी पाउच के बोरों को फ्रीजर की बजाए दुकान के कोने में पटक दिया जाता है।फूड सेफ्टी विभाग के अफसर नहीं करते कार्रवाई इसलिए गली-गली में खुल गईं पाउच की फैक्टरी किसी नियम का पालन नहीं नियमानुसार प्रत्येक पानी पाउच में पैकिंग की तिथि, पैकिंग समाप्ति की तिथि (एक्सपायरी डेट), आरओ तथा फिल्टर है या नहीं इसकी जानकारी, पानी में शुद्धता का मानक, पैकिंग नंबर, पैकिंग के स्थान का नाम व पता आदि जानकारी लिखना आवश्यक है जो बाजार में बिक रहे अधिकांश पानी पाउच में नहीं होती। शुद्धता का कोई पैमाना न होने की वजह से इन पाउच से मच्छर, कीड़े, कचरा निकलना साधारण बात हो गयी है।अशुद्ध पानी बेखौफ बेच रहेअधिकांश पाउच का पानी पंप से ही निकाला गया लोकल पानी होता है। इस पानी को न तो फिल्टर किया जाता है और न ही इसकी पैकिंग वाली पालिथीन ही क्वालिटी की होती है। अमूमन इस तरह के एक पानी पाउच की कीमत अधिकतम 50 पैसे होती है जिसे दुकानदारों द्वारा दो से ढाई रु़पए मैं बेखौफ होकर बेच रहे हैं।









