बेरोजगारी भत्ता,अनियमित कर्मचारियों का नियमितीकरण, शराबबंदी जैसे मुद्दे गायब ज्ञात हो कि छग विधानसभा में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अपना चौथा बजट पेश किया, इस बजट पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए युवा मोर्चा नमो के जिलाध्यक्ष बद्री अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री बघेल जी जब बजट बनाते है तब उन्हें स्वयं की कांग्रेस पार्टी द्वारा चुनाव के समय जारी किया गया लोकलुभावन घोषणा पत्र पढ़कर बनाना चाहिए। जनहित के बजट उसे कहते है जिसकी घोषणा से जनता में स्वाभाविक उत्साह हो खुशी हो परंतु इस बजट से निराशा ही आई है। बजट की ज्यादातर वादे केवल हवा हवाई है वास्तविक धरातल से गायब है। वर्तमान 2022 का बजट का इनके ही घोषणा पत्र से कोई तालमेल नही है। इस बजट में युवाओ से किये गए बेरोजगारी भत्ता 2500 देने के वादे, महिलाओ से किये गए पूर्ण शराबबंदी के वादे, प्रदेश के अनियमित कर्मचारियों को नियमितीकरण के वादे गायब है।
इन्होंने अनियमित कर्मचारियों को दिग्भ्रमित करने के लिए समिति बनाई व आज दिनाँक तक केवल एक बैठक हुई है जो बेनतीजा रहा है। इन्होंने विधवा महिलाओ को 1000 रुपये व 60 वर्ष तथा 75 वर्ष के बुजुर्गों को 1000 रुपये एवम 1500 रुपये देने की बात कही थी जोकि आज तक नही दी जा रही है। लगभग 5 लाख नॉकरी दिए जाने का पोस्टर लगवाने वाले कि जमीनी हकीकत सभी ने विधानसभा के जवाब में देख लिया है।
छग सरकार की महत्वपूर्ण व महत्वकांक्षी योजना नरवा, घुरवा, बाड़ी गोठान के लिए भी जिस पैसे का उपयोग हो रहा है वह मनरेगा व रोजगार गारंटी है जोकि केंद्र सरकार केंद्र सरकार का पैसा है। छग राज्य सरकार कर्ज के बोझ से दबी हुई है , बार बार कर्ज ले लेकर यह सरकार आने वाले समय में प्रत्येक छत्तीसगढ़ वासियो के कन्धे पर भारी कर्ज डाल रही है, जोकि भारी भरकम टैक्स के रूप में आम जनता को परेशान करने वाली है। यह सरकार केवल झूठ व फरेब की सरकार है। छग की जनता इसे जान चुकी है तथा सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गयी है । इस सरकार को 2023 में सत्ता के जाना ही होगा छत्तीसगढ़ वासियो ने मन बना लिया है।
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