कचरे की ट्रॉली में सफर, सफाई दीदियों की सुरक्षा भगवान भरोसे!महापौर ने दिए जांच के आदेश
नमस्ते कोरबा :- शहर को स्वच्छ रखने वाली सफाई दीदियों की सुरक्षा व्यवस्था खुद सवालों के घेरे में है। घर-घर से कचरा जुटाने के बाद उसे निर्धारित केंद्र तक पहुंचाने के लिए कुछ महिलाएं कचरे से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के ऊपर बैठकर सफर करती नजर आईं। तस्वीर सामने आने के बाद सवाल उठ रहा है कि स्वच्छता का जिम्मा संभालने वाली महिलाओं की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?
एक ओर शहर को साफ-सुथरा रखने के दावे किए जाते हैं, वहीं दूसरी ओर सफाई दीदियों को कचरे से लदी ट्रॉली में बैठकर सफर करना पड़ रहा है। चलते वाहन से गिरने और चोट लगने का खतरा अलग ऊपर से दूषित कचरे के बीच यात्रा की मजबूरी। ऐसे में सवाल लाजिमी है कि कचरा ढोने के इंतजाम तो हैं, लेकिन उसे उठाने वाली महिलाओं के सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था कहां है?
महापौर ने दिए जांच के आदेश
मामले को गंभीरता से लेते हुए महापौर ने जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। अब जांच में यह सामने आना जरूरी है कि महिलाओं को ट्रॉली में बैठकर जाने की नौबत क्यों आई और इस व्यवस्था के लिए जिम्मेदार कौन है।
स्वच्छता के सिपाही असुरक्षित क्यों?
सफाई दीदियां रोजाना घरों से कचरा एकत्र कर शहर की स्वच्छता व्यवस्था को गति देती हैं। इसके बावजूद उनके सुरक्षित आवागमन के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। जिम्मेदार विभाग और संबंधित एजेंसी को बताना होगा कि क्या कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था है या फिर काम पूरा कराने तक ही जिम्मेदारी सीमित है?
महापौर के जांच आदेश के बाद अब कार्रवाई का इंतजार है। जरूरत केवल दोषियों की पहचान करने की नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था बनाने की है, जिसमें सफाई दीदियों को कचरे के ऊपर बैठकर जान जोखिम में डालने की मजबूरी न हो।










