कोरबा में सजेगा श्री हनुमान जी का दिव्य दरबार, धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में श्री हनुमंत कथा,सफाई कर्मी होंगे मुख्य यजमान
नमस्ते कोरबा :- कोरबा की पावन धरती पर अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक एवं हनुमान जी के अनन्य भक्त संत श्री धीरेंद्र शास्त्री के सान्निध्य में आयोजित होने जा रही दिव्य श्री हनुमंत कथा को लेकर शहर में भक्ति और उत्साह का वातावरण बनने लगा है। इस विराट आध्यात्मिक आयोजन की तैयारियों को लेकर बुधवार को जश्न रिसॉर्ट में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की गई।
बैठक में समाजसेवी राणा मुखर्जी ने भावुक स्वर में बताया कि इस ऐतिहासिक आयोजन के आयोजक स्वयं श्री बजरंग बली होंगे, जबकि समाज सेवा में समर्पित कोरबा के सफाई कर्मी इस महायज्ञ में मुख्य यजमान की भूमिका निभाएंगे। यह पहल सामाजिक समरसता, सम्मान और सेवा-भाव का अद्भुत संदेश देगी।
बैठक में जानकारी दी गई कि 28 मार्च से 1 अप्रैल तक दिव्य श्री हनुमंत कथा का आयोजन किया जाएगा। इसके पूर्व 27 फरवरी को 21 हजार माताओं-बहनों की सहभागिता से भव्य कलश यात्रा निकाली जाएगी, जिससे पूरे नगर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण निर्मित होगा।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के संभागीय सर संघचालक एवं विद्या भारती (मध्य क्षेत्र) के उपाध्यक्ष जुड़ावन सिंह ठाकुर ने कहा कि हनुमान जी ने भक्ति, सेवा और समर्पण का जो आदर्श प्रस्तुत किया है, वही आज समाज के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि श्री हनुमंत कथा का उद्देश्य समाज में समरसता, संगठन और राष्ट्रभाव को सुदृढ़ करना है और इस पावन कार्य के लिए सभी को चुना जाना ईश्वर की कृपा है।
समाजसेवी सुबोध सिंह ने इसे जनसहभागिता का महायज्ञ बताते हुए कहा कि कोई समय देगा, कोई आर्थिक सहयोग करेगा और कोई श्रमदान तभी यह आयोजन ऐतिहासिक बनेगा। बैठक में नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर, ऋतु चौरसिया, सुबोध सिंह, शिव कश्यप, विश्व हिंदू परिषद के नगर अध्यक्ष गौरव मोदी सहित अनेक गणमान्य नागरिकों ने सुझाव प्रस्तुत किए।
आयोजन की संगठनात्मक रूपरेखा भी घोषित की गई। संयोजक अमरजीत सिंह, सचिव डॉ. पवन सिंह तथा कोर टीम में ऋषभ केशरवानी, तपिश, रवि गिडवानी, नवल गुप्ता और ऋषभ शुक्ला को जिम्मेदारी सौंपी गई। श्रद्धालुओं के लिए “भारत मां की रसोई” संचालन की जिम्मेदारी समाजसेवी प्रेम मदान ने ली है।
नगर निगम सभापति नूतन सिंह ठाकुर ने बताया कि आयोजन का अनुमानित बजट लगभग 2 करोड़ 80 लाख रुपये है। यदि एक लाख श्रद्धालु मात्र 280 रुपये का सहयोग दें तो यह महायज्ञ सहज रूप से सफल हो सकता है। उन्होंने स्वयं जन-जन तक पहुंचकर सहयोग जुटाने का संकल्प लिया।
महाआयोजन के प्रमुख समन्वयक एवं अपना घर सेवा आश्रम के अध्यक्ष राणा मुखर्जी ने बताया कि पूरी समय-सारणी तय कर ली गई है और आयोजन को ऐतिहासिक स्वरूप देने के लिए सभी विभागों में जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं। वरिष्ठ पत्रकार किशोर शर्मा ने सुझाव दिया कि सहयोग के सभी मार्ग खुले रखें जाएं तथा डिजिटल माध्यम जैसे क्यूआर कोड से भी सहयोग लिया जाए। पूर्व पार्षद एवं वरिष्ठ भाजपा नेत्री वैशाली रत्नपारखी ने महिलाओं से संबंधित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभालते हुए हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
बैठक के समापन पर यह संकल्प लिया गया कि दिव्य श्री हनुमंत कथा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सेवा, समरसता और सनातन चेतना का विराट अभियान बनेगी, जिसमें कोरबा का हर श्रद्धालु सहभागी बनेगा और यह आयोजन लंबे समय तक याद रखा जाएगा।







