चार लेबर कोड के विरोध में देशव्यापी हड़ताल, कोरबा की कोयला खदानों में आंशिक असर
नमस्ते कोरबा : केंद्र सरकार द्वारा लागू किए गए चार नए श्रम संहिताओं (लेबर कोड) के विरोध में संयुक्त ट्रेड यूनियनों ने गुरुवार को देशव्यापी एक दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया। हड़ताल का असर कोरबा जिले की एसईसीएल (SECL) की कुसमुंडा सहित अन्य कोयला खदानों और वर्कशॉप कार्यालयों में आंशिक रूप से देखने को मिला।
सुबह छह बजे से ही विभिन्न श्रमिक संगठनों के पदाधिकारी खदान क्षेत्रों में पहुंच गए और प्रथम पाली में ड्यूटी पर जाने वाले कर्मचारियों से काम पर न जाने की अपील करते हुए हड़ताल को सफल बनाने का प्रयास किया। यूनियन नेताओं ने खदान गेटों पर प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के श्रम कानूनों में किए जा रहे बदलावों का विरोध जताया।
ट्रेड यूनियनों का कहना है कि केंद्र सरकार द्वारा लाए गए चारों लेबर कोड मजदूर विरोधी हैं और श्रमिकों के हितों के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि नए कानून लागू होने से मजदूरों की नौकरी की सुरक्षा कमजोर हो जाएगी और कंपनियों को कर्मचारियों की छंटनी करने में आसानी होगी। इससे श्रमिकों का भविष्य असुरक्षित हो जाएगा।
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार चंद उद्योग घरानों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ये श्रम कानून लागू कर रही है, जिससे श्रमिक वर्ग प्रभावित होगा। उन्होंने मांग की कि सरकार इन श्रम संहिताओं को वापस ले और श्रमिक हितों को ध्यान में रखते हुए निर्णय ले। जिले में एसईसीएल की खदानों और संबंधित इकाइयों में हड़ताल का आंशिक असर रहा, जबकि कई स्थानों पर काम सामान्य रूप से चलता रहा। श्रमिक संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया तो आने वाले समय में आंदोलन और तेज किया जाएगा।
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