The dark side of korba : कोरबा के लोगों का सफेद जहर से जीना हुआ मुहाल, थोड़ी सी आंधी से पूरा शहर सफेद राखड़ की चादर में ढंक गया
नमस्ते कोरबा: कोरबा जिला ऊर्जाधानी के नाम से जाना जाता है। जहां कोयल का उपयोग कर देश के विभन्न राज्यों को रौशन करने का काम किया जाता है।
देश के प्रदूषित शहरों में शुमार कोरबा जिले में प्रदूषण कम होने का नाम नहीं ले रहा है. चिमनी से निकलने वाला धुआं और गर्मी के दिनों में आंधी से कोरबा में राखड़ वर्षा ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. आंधी-तूफान से पॉवर प्लांटों के राखड़ बांध से राखड़ उड़ता है. पुरे शहर में राख वर्षा से लोग परेशान हो रहे है. राखड़ से लोगों के स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ रहा है.
इसका दूसरा पहलू यह भी है की इन बड़े सार्वजनिक उपक्रमों से उत्सर्जित राखड की मार आम लोग झेलते है। यह दृश्य आज शाम की है जब तेज हवाओं की झोंको में पुरा नगर सफेद राखड़ की चादर में ढंक गया.. लोगों को 5 मीटर तक निकलना मुश्किल हो गया वहीं लोग अपनी जान की सुरक्षा करने पहिए के थाम कर रुकने मजबूर हो गए।विकास की राह में उपयोग होने वाले काले सोने से निकले सफेद राखड आम लोगों के लिए वर्षों से समस्या बना हुआ है।
अभी हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव में कोरबा जिला में राखड़ की समस्या को विभिन्न पार्टी के प्रत्याशियों ने चढ़कर उठाया था और इसके निदान के बारे में भी बातें की थी, राज्य में चुनाव भी संपन्न हो गया और सरकार भी बदल गई परंतु कोरबा के लोगों को राखड़ की समस्या से निजात मिलता नहीं दिख रहा है,









