कोरबा पुलिस की बड़ी कामयाबी आरकेटीसी कंपनी में रंगदारी के लिए की गई फायरिंग के आरोपियों को किया गिरफ्तार
नमस्ते कोरबा :- 30 सितंबर 2022 को शाम के वक्त ट्रांसपोर्ट नगर में उस समय अफरा-तफरी का माहौल हो गया था जब आरकेटीसी कोल कंपनी के कार्यालय में अज्ञात व्यक्ति द्वारा फायरिंग की गई गनीमत रही कि किसी प्रकार के जानमाल की हानि नहीं हुई
आरकेटीसी कंपनी द्वारा झारखंड राज्य के आम्रपाली शिवपुर कोल साइडिंग में चल रहे कोयला खनन के एवज में रंगदारी मांगने के लिए फायरिंग की गई थी।
शुक्रवार को मामले का खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि आरोपी झारखंड के अमन साहू गैंग से जुड़े हुए हैं,अमन साहू वर्तमान में केंद्रीय जेल हजारीबाग में बंद है। बता दें कि 30 सितंबर 2022 की शाम करीब 6.20 बजे टीपी नगर स्थित आरकेटीसी कंपनी के कार्यालय में एक अज्ञात मोटरसाइकिल सवार के द्वारा पिस्टल से एक राउंड फायर कर पर्चा फेंक कर फरार हो गया था। पर्चे में लिखा हुआ था कि झारखंड राज्य के आम्रपाली शिवपुर कोल साइडिंग में चल रहे कोयला उत्खनन कार्य में आरकेटीसी कंपनी के द्वारा अमन साहू को मैनेज नहीं किया गया है, मैनेज नहीं करने पर ऐसी और घटनाएं करने की धमकी भी दी थी। घटना के कुछ देर बाद अमन साहू गैंग के मयंक सिंह नामक व्यक्ति ने आरकेटीसी कंपनी के मालिक सुशील सिंघल को इंटरनेशनल मोबाइल नंबर से व्हाट्सएप काल कर रंगदारी टैक्स की मांग की गई थी।
एसपी संतोष सिंह, एएसपी अभिषेक वर्मा व तत्कालीन कोरबा सीएसपी योगेश साहू घटनास्थल का मुआयना किया था। एसपी ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई। पुलिस की टीम की जांच में पता चला कि सीसीटीवी कैमरों में मिले फुटेज से स्पष्ट हो रहा था कि आरोपी धरमजयगढ़ की ओर से आया। किंतु हेलमेट पहने होने व मोटरसाइकिल में रजिस्ट्रेशन नंबर न होने के कारण आरोपी की पहचान नही हो पा रही थी। कोरबा पुलिस की एक टीम को हजारीबाग गई। विवेचना के दौरान कोरबा पुलिस को एक संदिग्ध मोबाइल नंबर का पता चला जिसके बारे में हजारीबाग एटीएस को सूचनाएं साझा की गई। हजारीबाग एटीएस एवम पुलिस के द्वारा उक्त मोबाइल नंबर के आधार पर आरोपी नितेश शील उर्फ मेजर सिंह और अभिनव तिवारी उर्फ सुशांत तिवारी को पकड़ा गया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
0 1 लाख 50 हजार में दी गई थी सुपारी
पूछताछ में आरोपी नितेश शील उर्फ मेजर सिंह ने पुलिस को बताया कि वह धर्मजयगढ़ का निवासी है जो कि काम की तलाश में दिल्ली गया हुआ था जहां पर सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी पहचान मयंक सिंह से हुई ।मयंक सिंह ने इसे आरकेटीसी कंपनी के ऑफिस में गोली चलाने किसका के एवज में 1 लाख 50 हजार रुपए देने का प्रस्ताव रखा, जिसे आरोपी लालच में आकर स्वीकार कर लिया। आरकेटीसी कंपनी में गोलीकांड के एवज में बचे हुए रकम में से 25 हजार रुपए को देने के लिए मयंक सिंह के द्वारा अभिनव तिवारी उर्फ सुशांत तिवारी को भेजा गया था।
आरोपियों ने बताया कि अमन साहू गैंग झारखंड में कार्यरत कोयला कंपनियों एवम व्यापारियों से अवैध उगाही करता है, इसी उद्देश्य से आरकेटीसी कंपनी से काफी समय से रंगदारी टैक्स की मांग कर रहा था, किंतु आरकेटीसी कंपनी के द्वारा टैक्स नहीं देने के कारण कोयला कारोबारियों पर दबाव बनाने हेतु उक्त फायरिंग की घटना की गई थी ।









