कोरबा में त्योहारी भीड़ के आगे बेबस यातायात व्यवस्था,पावर हाउस रोड से सोनालिया ज्वेलर्स तक रेंगते रहे वाहन, शाम को और बिगड़ सकते हैं हालात; बाजार जाने से पहले रखें अतिरिक्त समय

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कोरबा में त्योहारी भीड़ के आगे बेबस यातायात व्यवस्था,पावर हाउस रोड से सोनालिया ज्वेलर्स तक रेंगते रहे वाहन, शाम को और बिगड़ सकते हैं हालात; बाजार जाने से पहले रखें अतिरिक्त समय

नमस्ते कोरबा :- दीपोत्सव की शुरुआत के साथ ही धनतेरस की खरीदारी को लेकर शहर के बाजारों में भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सुबह से ही सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने लगा और देखते ही देखते शहर के प्रमुख मार्ग जाम की गिरफ्त में आ गए।

पावर हाउस रोड से लेकर सोनालिया ज्वेलर्स क्षेत्र तक, दूसरी और निहारिका मुख्य मार्ग में जाम के हालात आम हो गए हैं। वाहनों की लंबी कतारों के बीच लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शाम के समय बाजारों में भीड़ और बढ़ने की संभावना है, ऐसे में यातायात व्यवस्था की चुनौती और गंभीर हो सकती है।

धनतेरस पर सोने-चांदी, बर्तन, इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य सामान की खरीदारी के लिए बड़ी संख्या में लोग बाजार पहुंच रहे हैं। लेकिन बढ़ती भीड़ के अनुरूप यातायात प्रबंधन की व्यवस्था नजर नहीं आ रही। आबादी और वाहनों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन शहर की यातायात व्यवस्था आज भी पुरानी व्यवस्था के भरोसे चल रही है। इसका खामियाजा आम नागरिकों को घंटों जाम में फंसकर भुगतना पड़ रहा है।

सबसे अधिक दबाव पावर हाउस रोड और सोनालिया ज्वेलर्स के आसपास देखने को मिल रहा है। त्योहार के दौरान हर साल इन मार्गों पर जाम की स्थिति बनती है, इसके बावजूद स्थायी समाधान की दिशा में ठोस तैयारी नजर नहीं आती। सवाल यह है कि जब हर साल यही स्थिति बनती है तो प्रशासन पहले से यातायात का वैकल्पिक प्लान क्यों तैयार नहीं करता? बाजारों में पार्किंग, वन-वे व्यवस्था और प्रमुख चौराहों पर अतिरिक्त यातायात बल की तैनाती जैसी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित क्यों नहीं की जातीं?

त्योहारों पर बाजारों में भीड़ जुटना स्वाभाविक है, लेकिन जाम और अव्यवस्था को नियति मान लेना उचित नहीं। लोगों से अपील है कि बाजार जाने के लिए अतिरिक्त समय लेकर निकलें और जहां संभव हो, निजी वाहनों के बजाय वैकल्पिक साधनों का उपयोग करें। वहीं प्रशासन को भी तत्काल यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है, ताकि दीपोत्सव की खुशियां सड़कों पर जाम में न उलझें।

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