आठ वर्षों से कोरबा में जरूरतमंद का पेट भर रही है भारत मां की रसोई,दूर दराज से अपनों का इलाज कराने आए लोगों को मिलता है निशुल्क भोजन

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 आठ वर्षों से कोरबा में जरूरतमंद का पेट भर रही है भारत मां की रसोई,दूर दराज से अपनों का इलाज कराने आए लोगों को मिलता है निशुल्क भोजन

नमस्ते कोरबा : जरूरतमंदों को निशुल्क भोजन सेवा प्रदान करना किसी पुण्य से कम नहीं है, शहर के कुछ उत्साही युवाओं ने 15 अगस्त 2016 को जिला चिकित्सालय में इस सेवा की शुरुआत की थी जो आज 8 सालों बाद छत्तीसगढ़ के 5 जिलों में निरंतर चल रहा है, जिसमें प्रतिदिन लगभग 800 लोग दोनों समय का भोजन प्राप्त कर रहे हैं,

हम बात कर रहे हैं कोरबा जिले के छत्तीसगढ़ वेलफेयर सोसाइटी द्वारा संचालित भारत मां की रसोई की जिसमें लगभग 50 लोगों के समूह द्वारा प्रतिदिन जिला चिकित्सालय सहित छत्तीसगढ़ के पांच अन्य जिलों में जरूरतमंदों को भोजन की व्यवस्था  उपलब्ध कराई जाती है,

छत्तीसगढ़ वेलफेयर सोसाइटी के राणा मुखर्जी ने बताया कि भारत मां की रसोई संचालन का मुख्य उद्देश्य ऐसे लोगों को भोजन उपलब्ध कराना जो अपनों का इलाज कराने अस्पतालों में रहते हैं, जिन्हे भोजन के नाम पर एक बड़ी राशि खर्च करनी पड़ती थी,

दूर दराज से आए लोग इस परेशानी में रहते थे अपने सगे संबंधियों का इलाज कराए  कि अपना पेट भरे, लोगों की इतनी परेशानियों को देखते हुए हमारी संस्था द्वारा उन्हें शुद्ध सात्विक भोजन हमारे द्वारा दिया जाता है एवं उन्हें इलाज से संबंधित अन्य सुविधाएं भी हमारी संस्था द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा है ,

राणा मुखर्जी ने बताया कि बिना किसी सरकारी अनुदान से यह कार्य लोगों के सहयोग से चलाया जा रहा है, बहुत से ऐसे लोग हैं जो अपना जन्मदिन शादी की सालगिरह है या अपने घर के बड़े बुजुर्गों की पुण्यतिथि के रूप में इन जरूरतमंदों को भोजन व्यवस्था प्रदान करते हैं,

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